ब्रेकिंग
Vande Bharat and Shatabdi Comparison: वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस में क्या है मुख्य अंतर? जानिए य... Gold Silver Price Update Punjab: सोना खरीदने वालों को राहत, चांदी के दामों में उछाल; जानें पंजाब में... Jalandhar Fake News Alert: न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर स्कूल में नहीं हुआ कोई किडनैपिंग का प्रयास; प... Ludhiana GST Raid News: लुधियाना के सर्राफा बाजार में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई; जगदंबे ज्वैलर्स... Amritsar Medical News: गुरु नानक देव अस्पताल में जल्द शुरू होंगी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं; किडनी ट्रांस... Religious Procession Guidelines: धार्मिक जुलूसों में पटाखे और लाउडस्पीकर पर रोक की तैयारी; बॉम्बे हा... IIT Bombay Sahil Wakode Case: साहिल वाकोडे खुदकुशी मामले में बोले राज ठाकरे; IIT प्रशासन और जातिगत र... Sirohi Municipal Election: सिरोही में मंदिर में कसम खाने के बाद भी बीजेपी में क्रास वोटिंग! पूजा माल... Ranchi Power Cut Today: रांची के कई इलाकों में आज घंटों गुल रहेगी बिजली; देखें आपके क्षेत्र का पावर ... Jharkhand Pride: सरायकेला का चांडिल डैम राष्ट्रीय राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए नामांकित; पूरे राज्य का...
देश

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने किया उदयनिधि स्टालिन के बयान का समर्थन, बोले- जिस धर्म में समानता नहीं, वो बीमारी जैसा

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ पूरे देश में विरोध जारी है। भाजपा ने इस बयान पर विपक्षी दलों के I.N.D.I.A अलायंस की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक  खरगे ने इशारों-इशारों में उदय स्टालिन का समर्थन कर दिया है।

जब कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे से सोमवार को उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए’ विवादित बयान पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म जो समानता को बढ़ावा नहीं देता है। आपके साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता वह एक बीमारी के समान है।”कोई भी धर्म जो समानता को बढ़ावा नहीं देता है या यह सुनिश्चित नहीं करता है कि आपको इंसान होने की गरिमा है, मेरे अनुसार वह धर्म नहीं है। प्रियांक खरगे ने कहा, “आपके साथ इंसानों जैसा व्यवहार न करना बीमारी जितना अच्छा है।”

Related Articles

Back to top button