मामूली विवाद में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, गिरफ्तार
बड़ागांव धसान। बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम ककरवाहा उगड में मामूली से विवाद पर छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी। घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपित भाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना दोपहर लगभग 2 बजे की है और देर शाम इस मामले में कार्रवाई हो सकी।
जानकारी के मुताबिक ककरवाहा ऊगड में आरोपित छोटे भाई राजेश अहिरवार की गाय ने बड़े भाई मलखान अहिरवार की छपरी में घुसकर घर का बचा हुआ खाना खा लिया था। इसको लेकर दोनों भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा की तैश में आकर राजेश ने बड़े भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे तब तक पीटता रहा जब तक की उसकी मौत नहीं हो गई। घटना के समय मृतक मलखान के घर पर कोई नहीं था।
पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार
सूचना मिलने के बाद घर पहुंचे मलखान के पुत्र कमलेश ने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत ही 100 डायल पुलिस को दी, लेकिन लगभग 2 घंटे तक मौके पर कोई नहीं पहुंचा तब उसने 108 पर काल किया। लगभग 4 बजे टीकमगढ़ से एंबुलेंस पहुंची तब तक मलखान की मौत हो चुकी थी। एम्बुलेंस में मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी तब शाम तक पुलिस मौके पर पहुंची और मौके का निरीक्षण कर बयान दर्ज किए। बड़ागांव थाना पुलिस ने छोटे भाई राजेश पर हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
राजेश की पत्नी पर भी मारपीट का आरोप
मृतक मलखान के पुत्र कमलेश ने बताया कि पिता के साथ राजेश की पत्नी ने भी मारपीट की, लेकिन राजेश की पत्नी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। जबकि मारपीट में उसकी पत्नी साथ थी, कमलेश के पुत्र अमन ने बताया कि जब वह स्कूल से घर गया तो राजेश और उसकी पत्नी मारपीट कर रहे थे।
थाना प्रभारी त्रिवेन्द्र त्रिवेदी ने बताया कि इस मामले में आरोपित राजेश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में उसकी पत्नी शामिल नहीं थी। आरोपित की पत्नी पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। वारदात के वक्त के वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद है। आरोपित की पत्नी इसमें शामिल नहीं रही है।
आपराधिक प्रवृत्ति का है राजेश
मृतक मलखान का आरोपित छोटा भाई राजेश आपराधिक प्रवृत्ति का है। क्षेत्र में जब डकैत जगभान सिंह सक्रिय था, तब जगभान सिंह के एनकाउंटर के लिए राजेश और अन्य लोग पुलिस के लिए मुखबिरी किया करते थे इसी के चलते वर्ष 1997 में डकैत जगभान सिंह ग्राम ककरवाहा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
मुखबिरी के लिए राजेश सहित पांच लोगों को सरकार की ओर से बंदूकें दी गई थी जिसमें से एक 12 बोर् बंदूक राजेश को मिली थी। बंदूक से वह आपराधिक वारदातें करने लगा। राजेश जब बंदूक लेकर एक गांव में डकैती डालने के लिए गया तब ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बंदूक छीन ली थी और पुलिस थाने में जमा कर दी थी।





