ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...
देश

देश के आंगनबाड़ी केंद्रों में 43 लाख से अधिक बच्चों का वजन मिला जरूरत से ज्यादा

नई दिल्ली। देशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में अगस्त माह में 5 साल तक के बच्चों का वन चेक किया गया। जिसमें 43 लाख से अधिक बच्चों का वजन जरूरत से ज्यादा मिला। इन सभी में मोटापे के लक्षण देखे गए हैं। जानकारी के मुताबिक देशभर में किए गए इस सर्वे में कुल 6 प्रतिशत बच्चों का वजन ज्यादा मिला है।

5 साल तक के बच्चों की हुई जांच

केंद्र सरकार ने देशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों के वजन को लेकर जो आंकड़े जुटाए हैं उसमें अधिक वजन वाले बच्चे 6 प्रतिशत मिले हैं। यह आंकड़े पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए जुटाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक देशभर में 5 साल तक की आयु के 7,24,56,458 बच्चों के स्वास्थ्य और वजन की जांच की गई, इनमें से 43,47,387 बच्चों का वजन जरूरत से ज्यादा पाया गया है।

इन राज्यों में बच्चों में मिला अधिक वजन

केंद्र सरकार को आंगनबाड़ी केंद्रों से जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं उनमें मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के बच्चों में मोटापा देखने को मिला है। 5 साल तक के बच्चों में मोटापे के लक्षण दिखना काफी चिंताजनक माना गया है।

इस वजह से कम उम्र के बच्चों में बढ़ रहा मोटापा

बाल अधिकार संगठन सीआरवाई की सीईओ पूजा मारवाहा के अनुसार देश में कम उम्र के बच्चों में मोटापे की वजह पैकेज्ड फूड, आहार में असंतुलन और जीवन शैली में असंतुलन भी इसकी एक बड़ी वजह है।

Related Articles

Back to top button