ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... फर्जी लेडी IAS तृप्ति सिंह पर भोपाल में एक और FIR: MPT में होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी; भाई समे...
मध्यप्रदेश

नाबार्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी से 50 लाख की ठगी, कारोबार में साझेदार बनाने का दिया था झांसा

भोपाल। शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त एक 65 वर्षीय वृद्ध धोखाधड़ी का शिकार हो गए, रत्नों के व्यापारी ने उनको अपने कारोबार में साझेदार बनाने का झांसा देकर रुपये निवेश करा थे,उनको भरोसा दिया था कि हर माह मुनाफा भी देंगे,लेकिन उसने एक दो माह मुनाफा देने के बाद बंद कर दिया। बाद में उनको अनदेखा करना शुरु कर दिया। इस तरह से आरोपित भाईयों ने करीब 50 लाख की राशि की हेराफेरी कर दी। बाद में वृद्ध ने पूरे मामले की कमला नगर थाने में शिकायत की, इस पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है।

कमला नगर टीआइ निरूपा पांडे के मुताबिक रिवेयरा टाउन कमला नगर निवासी अनिल कुमार नाबार्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। 2019 में उनकी परिचित रत्न हाउस के मालिक आशीष कुमार सोनी और परेशान से मुलाकात हुई थी। दोनों सेवानिवृत्त अधिकारी को झांसा देते हुए कहा कि वह उन्हें अपने कारोबार में उनको साझेदार बना लेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें निवेश करना होंगे। आरोपितों की बातों में आकर फरियादी ने उन्हें पचास लाख रुपये की रकम निवेश कर दी। रकम लेने के बाद आरोपित ने उनको साझेदार बनाने के लिए न तो कोई अनुबंध पत्र न ही रकम वापस लौटा रहे थे। इससे परेशान होकर फरियादी ने पुलिस के आला अफसरों को लिखित में आवेदन देकर शिकायत की थी। आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।

Related Articles

Back to top button