ब्रेकिंग
जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ? Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप...
मध्यप्रदेश

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को 20 साल की सजा, कोर्ट ने दो वर्ष के अंदर सुनाया फैसला

बुरहानपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित डवाली खुर्द निवासी 25 वर्षीय वकील उर्फ अनिल सिंग को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता ने 29 अक्टूबर 2021 को नेपानगर थाने पहुंच कर बालिका के लापता हो जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

ये है पूरा मामला

शिकायत में बताया कि बताया था कि पूरा परिवार 28 अक्टूबर को ही मजदूरी कर घर लौटा था। शाम सात बजे बालिका किराना दुकान से सामान लेने गई, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। उन्होंने आशंका जताई थी कि कोई उसे बहला फुसला कर ले गया है। पुलिस ने काफी तलाश के बाद 13 जनवरी को उसे बरामद कर लिया।

शादी का झांसा देकर ले गया महाराष्ट्र

पूछताछ में पीड़ित किशोरी ने बताया कि आरोपित अनिल को पांच माह से जानती थी और उसके साथ प्रेम संबंध था। घटना की रात आरोपित ने उसे हनुमान मंदिर में बुलाया और शादी का झांसा देकर महाराष्ट्र के बड़गांव ले गया था। तब से लगातार उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।

जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। प्रकरण गंभीर प्रकृति का होने के कारण इसे चिन्हित प्रकरणों में शामिल किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Related Articles

Back to top button