ब्रेकिंग
कांग्रेस को बड़ा झटका: पार्षद सहित कई नेता BJP में हुए शामिल Punjab Politics: बीजेपी कार्यालयों पर हमले को लेकर बरसे अश्विनी शर्मा; बोले— 'डराने-धमकाने की राजनीत... Ludhiana News: बुड्ढा दरिया में गंदगी फेंकने पर फूटा लोगों का गुस्सा; डेयरी संचालकों पर लगाए प्रदूषण... Balachaur News: बलाचौर भाजपा कार्यालय में भारी हंगामा; 'आप' विधायक पर बदसलूकी और मारपीट के आरोप, माह... Punjab Weather Update: पंजाब में अगले 48 घंटे भारी; 11 मई से तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट,... Punjab Politics: सुनील जाखड़ की अरविंद केजरीवाल को बड़ी चेतावनी; बोले— "पंजाब को ममता का बंगाल नहीं ... Diljit Dosanjh Politics Entry: राजनीति में एंट्री की खबरों पर दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी; 'X' पर ... Haryana News: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सपरिवार किए माता मनसा देवी के दर्शन; प्रदेश की खुशहाली और सुख... SYL Canal News: SYL नहर में मगरमच्छों का आतंक; वाइल्ड लाइफ विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू, ग्रामीणों ... Palwal Crime News: पलवल में खूनी संघर्ष; दो पक्षों में मामूली विवाद के बाद चली ताबड़तोड़ गोलियां, 3 ...
मध्यप्रदेश

समय पर सतर्क हो जाएं, जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं मूत्ररोग

इंदौर । यूरोलाजी में कई मेडिकल इमरजेंसी कंडीशन ऐसी हैं, जिनमें मरीज को असहनीय पीड़ा हो रही होती है और जिनके लिए तुरंत अस्पताल ले जाने की आवश्यकता होती है। यदि तुरंत ध्यान न दिया जाए तो यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है। इनमें से एक बड़ा कारण यूरिन रिटेंशनन यानी पेशाब का रुक जाना है।

यह बात इंदौर यूरोलाजी सोसायटी द्वारा आयोजित वेस्ट जोन चैप्टर के 33वें वार्षिक सम्मेलन यूसीकान 2023 में यह बात डा. आरके लाहोटी ने कही। कांफ्रेंस का तीसरा और अंतिम दिन इमरजेंसी इन यूरोलाजी को समर्पित रहा। कांफ्रेंस के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डा. आरके लाहोटी ने बताया कि पथरी के कारण होने वाला दर्द, अंडकोष में सूजन, जननांग में गैंग्रीन, पेशाब के साथ खून निकलना, मूत्राशय में इंफेक्शन के कारण तेज बुखार, दुर्घटना में मूत्रमार्ग या किडनी पर लगी चोट जैसे कारण होने पर मरीज को तत्काल डायग्नोसिस और जरूरत पड़ने पर सर्जिकल सपोर्ट की आवश्यकता होती है।

कई प्रदेशों के 600 डाक्टर हुए शामिल

यूरोसर्जन डा. राजेश कुकरेजा ने बताया कि कांफ्रेंस में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात एवं गोवा के करीब 600 डाक्टरों ने भाग लिया। डा. नितेश पाटीदार एवं डा. सीएस थत्ते ने बताया कि कांफ्रेंस में तीन अलग-अलग हाल में यूरोलाजी के क्षेत्र की विभिन्न बीमारियों, कारणों, डायग्नोसिस, उपचार विधियों, आधुनिकतम तकनीकों, मशीनों, उपकरणों आदि के बारे में डाक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए, रिसर्च पेपर्स पढ़े, ग्रुप डिस्कशन और केस स्टडीस पर चर्चा की। इसके साथ ही पोस्टर प्रेजेंटेशन के सत्र भी हुए।

Related Articles

Back to top button