ब्रेकिंग
Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप... BBL 2026 Winner: पर्थ स्कॉर्चर्स ने छठी बार जीता खिताब, MI और CSK का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास
मध्यप्रदेश

वकीलों से नामांकन के नाम पर अधिक रकम वसूलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हो सुनवाई

इंदौर। वकीलों से नामांकन के नाम पर लिए जा रहे 20350 रुपये के मामले में हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में सुनवाई पर रोक लगाई जाए। भविष्य में इस मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में की जाए। यह कहते हुए बार कौंसिल आफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

इंदौर के एडवोकेट निमेष पाठक ने मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष एक याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि राज्य अधिवक्ता परिषद द्वारा वर्तमान में नामांकन के नाम पर नए-नए वकील बने व्यक्ति से 20350 रुपये लिए जा रहे हैं। विधि व्यवसाय समाजसेवा का कार्य है। वर्तमान में विधि की पढ़ाई अत्यंत महंगी हो गई है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विधि की पढ़ाई करना बहुत मुश्किल हो गया है। ये विद्यार्थी जैसे-तैसे पढ़ाई पूरी करने के बाद जब नामांकन के लिए राज्य अधिवक्ता परिषद के समक्ष जाते हैं तो उन्हें नामांकन के नाम पर मोटी रकम देना होती है।

कई गुना ज्यादा ली जा रही रकम

एडवोकेट एक्ट के प्रविधानों के अनुसार राज्य अधिवक्ता परिषद नामांकन शुल्क के रूप में सिर्फ 750 रुपये ले सकता है, लेकिन इससे कई गुना ज्यादा रकम ली जा रही है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले दिनों राज्य अधिवक्ता परिषद और बार कौंसिल आफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बार कौंसिल इसी के खिलाफ हाई कोर्ट गया है।

Related Articles

Back to top button