ब्रेकिंग
Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्... UP International Trade Show Greater Noida: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल, जानिए यूपी इंटरनेशनल ट्रे... SIR Process Controversy India: चुनाव आयोग पर उठे सवालों के बाद सड़कों पर उतरी कांग्रेस, CEC ज्ञानेश ... Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, ... Pakur Police Action: पाकुड़ के नयाग्राम में 13 साल के दीनानाथ की निर्मम हत्या; एसडीपीओ कुमार गौरव ने... Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आ...
टेक्नोलॉजी

आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसेगा ये ऐप, आप भी कर सकते है शिकायत

विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ लागू हुई आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग का एक स्मार्ट सी विजिल ऐप अब शिकायतों के समाधान का जरिया बनता जा रहा है। जो 100 मिनट के अंदर ही शिकायत का समाधान करता है। इस ऐप के पहली बार लोकसभा चुनाव 2019 में प्रयोग किया गया था। इस सी विजिल ऐप को लाने के पीछे का कारण चुनावी समय की आचार संहिता के समय सूचना चैनल की कमी का होना था।

इस कमी के कारण आचार संहिता का उल्‍लंघन करने वाले अपराधी निर्वाचन आयोग की नज़रों से दबे पांव बच निकलते थे। कभी रिपोर्टिंग की बड़े पैमाने की असत्यता तो कभी घटना स्‍थल की ठोस प्रतिक्रिया प्रणाली की कमी की समस्या को देखते हुए आयोग को यह भी अनुभव हुआ है, कि न जानें कितने उल्लंघनकारी समय पर गिरफ्तार नहीं हो पाते।

इन्ही कमियों को पूरा करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने फॉस्‍ट-ट्रेक शिकायत के इस ऐप को अंधेरे के बीच उजाले की एक किरण समझ इस ऐप को लॉन्च किया था। जोकि सभी मोबाइल फोन पर आसानी से उपलब्ध है। सी-विजिल,नागरिकों के मतदान के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन की रिपोर्ट करने के लिए लाया गया था। जिसका अर्थ नागरिक सतर्कता से है जो चुनावी समय में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में कार्य करता है।

इस ऐप को किसी भी अच्‍छे इन्‍टरनेट कनेक्‍शन और जीपीएस एक्‍सेस वाले एंड्रॉइट स्‍मार्टफोन पर इंस्‍टॉल किया जा सकता है। इस ऐप के जरिए नागरिक राजनीतिक उल्लंघन की घटनाओं के घटने के कुछ ही मिनटों बाद यानि की सिर्फ 100 मिनटों के अंदर ही समाधान दिया जाएगा। इस ऐप की एक खास बात यह भी है कि यह आय़ोग को समय पर कार्य करने के लिए ऑटो लोकेशन कैप्‍चर के साथ-साथ फोटो/वीडियो लेने देता है। इसी कारण चुनावी राज्यो की पसंद बन चुका सी विजिल ऐप अब आचार संहिता उल्लंघन का हथियार बन चुका है। यही कारण है कि लोगों की इस ऐप को लेकर विश्वसनीयता अब बढ़ती जा रही है। यहीं कारण है कि इस साल के विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लागू होने से अब तक यानि पिछले 6 दिन में प्रदेशभर में 1 लाख 35 हजार 819 लोगों ने सी विजिल एप डाउनलोड किया गया है।

ऐसे करें शिकायत

– ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको इसे ओपन करके अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

– रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान जब आप ऐप खोलेंगे तो सबसे पहले लैंग्वेज सेलेक्ट करने का विकल्प आएगा. कोई एक लैंग्वेज चुनकर आगे बढ़ें।

– अब दूसरे पेज पर डिस्क्लेमर होगा, जिसके नीचे I Agree का चेक बॉक्स होगा. इसे सेलेक्टर करें और इसके आगे लिखे नेक्स्ट ऑप्शन पर क्लिक करें।

– अब आपसे आपका मोबाइल नंबर मांगा जाएगा, मोबाइल नंबर डालकर सेंड ओटीपी पर क्लिक करें. अगर आप अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन नहीं चाहते हैं तो सेंड ओटीपी के नीचे लिखे Anonymous ऑप्शन पर क्लिक करें।

– अब आपके सामने इमेज, वीडियो और ऑडियो अपलोड करने का विकल्प आएगा।

– अगर आपके पास आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा कोई भी वीडियो, ऑडियो या इमेज है तो उसे संबंधित कैटिगरी में अपलोड करके सब्मिट कर दें.

– इस तरह आपकी शिकायत सीधे चुनाव आयोग तक पहुंच जाएगी।

– यहां इस बात का ध्यान रखें कि यह ऐप ऑटोमेटिक लोकेशन रीड करता है और उसी एरिया में काम करता है जहां चुनाव होना है। मान लीजिए आप अभी दिल्ली में हैं और इस ऐप पर कुछ अपलोड करना चाहेंगे तो वह नहीं हो पाएगा।इस स्थिति में आपके सामने एक मैसेज आएगा कि अभी इस एऱिया में कोई चुनाव नहीं है।

Related Articles

Back to top button