ब्रेकिंग
Rajnath Singh South Korea Visit: सियोल में गरजे राजनाथ सिंह—'भारत को विकसित देश बनने से दुनिया की को... Alwar Car Suffocation Death: अलवर में दिल दहला देने वाला हादसा; कार में बंद होने से दो मासूम सगी बहन... Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े प्रोपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या; मुंह और सीने मे... NEET UG Paper Leak: पेपर लीक मामले पर बड़ी कार्रवाई; संसदीय समिति ने NTA प्रमुख और शिक्षा मंत्रालय क... Kashmir Offbeat Tourism: दिल्ली-जयपुर की 44°C गर्मी से राहत; कश्मीर के 12,000 फीट ऊंचे 'रजदान पास' प... Bihar Politics JDU Row: जेडीयू में बड़ा घमासान; आनंद मोहन का नीतीश कुमार पर हमला—'थैली पहुंचाने वाले... Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी; भरूच में रेलवे ट्रैक के ऊपर 1... Kashmir Weather Update: कश्मीर में भी टूटा गर्मी का रिकॉर्ड; मई में जून-जुलाई जैसी तपिश, श्रीनगर में... NEET Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज मोटेगावकर पर बड़ा एक्शन; पुणे में RCC क्लास... Ujjain Garbage Cafe: उज्जैन में कचरे के बदले मिलेगी चाय, कॉफी और भरपेट खाना; नगर निगम खोलने जा रहा 3...
देश

सूरत में अब तक का सबसे बड़ा अगंदान, चार दिन का नवजात छह बच्चों को दे गया नया जीवन

 गुजरात का सूरत शहर अब अंगदान में भी सबसे आगे है। सूरत शहर में सबसे कम उम्र के बच्चे का अंगदान हुआ है और भारत में इस तरह का यह पहला मामला है। यहां महज साढ़े चार दिन का शिशु दुनिया छोड़कर जाते-जाते छह बच्चों को नया जीवन देकर गया है। बताया जा रहा है कि ये नवजात जन्म के बाद से बेहोश था जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद उसके परिवार ने बच्चे के अंगों को दान करने का फैसला लिया। परिवार के इस फैसले के बाद छह बच्चों को नया जीवन मिल गया है।

अगंदान के लिए तैयार हुआ परिवार 
बता दें कि, सूरत के अमरेली जिले के मालिया निवासी हर्षभाई और चेतनाबेन संघाणी के यहां 13 अक्टूबर को एक बालक का जन्म हुआ। जन्म के बाद बालक में हलचल नहीं थी, वह रोया भी नहीं। इसके बाद बच्चे को आईसीयू में रखा गया, लेकिन चार दिन तक तबीय में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों की टीम में जांच के बाद बुधवार को बच्चे को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने परिवार को अंगदान के बारे में बताया तो परिवार तैयार हो गया।

छह बच्चों को मिली नई जिंदगी
बच्च के परिवार की सहमित मिलने के बाद शिशु के सभी अंग छोटे बालकों में ट्रांसप्लांट किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दोनों किडनी और तिल्ली आईकेडीआरसी अहमदाबाद, लीवर दिल्ली आईएलडीएस हॉस्पिटल और आंख लोकदृष्टि चक्षुबैंक, सूरत को दिया गया है। नवजात के अंगो का प्रत्यारोपण छोटे बच्चो में ही किया गया। कुल मिलाकर नवजात के अंगदान से 6 बच्चों को नई जिंदगी मिली है। जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन के विपुल तलाविया ने बताया कि संघाणी परिवार और डॉक्टरों की मदद से बहुत बड़ा काम हुआ है।

Related Articles

Back to top button