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मध्यप्रदेश

रैगिंग मामले में बीयू प्रबंधन सख्त, कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखा जाएगा

भोपाल। राजधानी में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में आए दिन रैंगिंग के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए कुलपति एसके जैन ने कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रबंधन का मानना है कि एक साथ रहने से रैगिंग व मारपीट की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। वहीं एक माह पहले छात्रावास के कनिष्ठ विद्यार्थियों ने वरिष्ठ विद्यार्थियों के विरुद्ध रैगिंग की शिकायत यूजीसी हेल्पलाइन पर की थी। इस मामले में विवि प्रबंधन ने बुधवार को रैंगिंग के मामले में छात्रावास के 12 विद्यार्थियों को छात्रावास से निष्कासित करने का नोटिस जारी किया था।

आरोपित छात्रों के खिलाफ बीयू प्रशासन की सख्ती

इस पर गुरुवार को कार्रवाई करते हुए विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है, हालांकि इससे पहले भी छात्रावास खाली करने को लेकर इससे पहले भी कई बार आदेश जारी किए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले में विवि प्रबंधन ने सख्ती बरतते हुए यह निर्देश जारी किए हैं कि अगर निष्कासित विद्यार्थी छात्रावास खाली करने में देरी करेंगे या नहीं करेंगे तो पुलिस उनसे खाली कराएगी। साथ ही 100 मीटर दायरे में भी दिखेंगे तो पुलिस में शिकायत की जाएगी। यह पहला मौका है कि बीयू प्रशासन ने ऐसे वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के बाहर 100 मीटर के दायरे में आने-जाने पर रोक लगाई है।

कन्या छात्रावास में छात्राओं के हंगामे के बाद सुधरी व्यवस्था

उधर, बीयू परिसर में स्थित कन्या छात्रावास की छात्राओं द्वारा धरना-प्रदर्शन करने के बाद कुलपति ने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। गुरुवार को कुलसचिव आइके मंसूरी ने इंदिरा छात्रावास का निरीक्षण कर खुद की निगरानी में वहां की व्यवस्थाओं को सुधरवाया। कमरों में पंखें खराब थे, जिन्हें सुधरवाया गया। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को सुधारा गया। भोजन के लिए मेस में दो रसोइयों को भेजा गया। छात्राओं की शिकायत थी कि मेस में कोई स्थायी रसोईया नहीं है। रसोईये का बार-बार ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे भोजन की व्यवस्था प्रभावित होती है।

विवि में रैगिंग के मामले ना हों, इसके लिए कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अगर निष्कासित विद्यार्थी 100 मीटर तक नजर आएंगे तो पुलिस में शिकायत की जाएगी।

– एसके जैन, कुलपति, बीयू

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