ब्रेकिंग
जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ? Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप...
मध्यप्रदेश

दो पहिया वाहनों की आपसी टक्कर को आयशर से हुई दुर्घटना बताने की कोशिश, क्लेम प्रकरण निरस्त

इंदौर। दो पहिया वाहनों की आपसी टक्कर को आयशर वाहन से हुई दुर्घटना सिद्ध करने की परिवादी की कोशिश असफल हो गई। जिला न्यायालय ने मुआवजे के लिए प्रस्तुत तीन प्रकरणों को निरस्त कर दिया।

ग्राम अमोदिया निवासी चंदर सिंह ने जिला न्यायालय में क्लेम प्रकरण प्रस्तुत किया था। इसमें कहा था कि एक सितंबर 2016 को वह पत्नी और बेटी के साथ दोपहिया वाहन से बिजलपुर जा रहा था। वरोदाफाटा के पास सामने से आए आयशर वाहन एमपी 09 जीजी 5337 ने उसके दोपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इससे चंदर सिंह, उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कोर्ट में बीमा कंपनी ने दिए ये तर्क

चंदरसिंह ने आयशर वाहन का बीमा करने वाली कंपनी के खिलाफ मुआवजे का प्रकरण प्रस्तुत किया। बीमा कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट प्रदीप सिसौदिया ने न्यायालय को बताया कि एमवाय अस्पताल में बनी एमएलसी में स्पष्ट लिखा है कि तीनों घायल दो दोपहिया वाहनों की आपसी टक्कर में हुए थे। दुर्घटना के वक्त चंदर सिंह ने हेलमेट भी नहीं पहना था। दोपहिया वाहन पर सिर्फ दो लोग बैठ सकते हैं, लेकिन दुर्घटना के वक्त तीन लोग सवार थे। न्यायाधीश मुकेश नाथ ने बीमा कंपनी के तर्कों से सहमत होते हुए मुआवजा प्रकरण निरस्त कर दिए।

Related Articles

Back to top button