ब्रेकिंग
भरत तिवारी के घर पहुंचे पावर स्टार पवन सिंह: भतीजी ने बांधी राखी, परिजनों ने लगाई निष्पक्ष जांच की ग... झारखंड में नौकरी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन: गिरिडीह और हजारीबाग में 3 नई FIR, 9... तनाव के बीच पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का तेहरान दौरा: क्या 'मक्का डिफेंस पैक्ट' में शामिल होगा ईरान... गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी: लीक ऑडियो में... EPF में गलत जॉइनिंग या एग्जिट डेट से रुक सकती है पेंशन और ट्रांसफर: जानिए ऑनलाइन ठीक करने का आसान तर... अमरावती जिला महिला अस्पताल के बेबी वार्ड में भीषण आग: वेंटिलेटर ब्लास्ट से 3 नवजातों की दर्दनाक मौत ED का बड़ा एक्शन: मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 ठिकानों पर छापेमारी, ₹19.91 करोड़ का फर्जी... 🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ...
मध्यप्रदेश

जीएसटी रिटर्न रिवाइज की मांग के साथ होंगे हजारों ट्वीट, व्यापारी-पेशेवर हुए एकजुट

इंदौर। सात साल पुरानी कर प्रणाली जीएसटी के मूल रिटर्न में सुधार का मौका नहीं दिए जाने के खिलाफ असंतोष बढ़ता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगने के बाद मामले में इंदौर और प्रदेश के कर सलाहकारों के साथ व्यापारी भी आ गए हैं। शनिवार को इंदौर में आयोजित बैठक में व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों और कर पेशेवरों की एक बैठक हुई। ऐलान हुआ कि सरकार से एक बार और मांग होगी। इससे पहले एक ही दिन में हजारों ट्वीट कर आवाज दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी।

शनिवार शाम माहेश्वरी भवन में आयोजित बैठक में मध्य प्रदेश टैक्स ला बार एसोसिएशन, कमर्शियल टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन, अहिल्या चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज, मालवा चैंबर आफ कामर्स, टाइल्स सैनिटरी व्यापारी एसोसिएशन, लोहा व्यापारी एसोसिएसन के पदाधिकारी शामिल हुए। अश्विन लखोटिया अध्यक्ष एमपीटीएलबी, अमित दवे उपाध्यक्ष एनटीपीए, देवेंद्र जैन सीटीपीए, सीए सुनील जैन, अहिल्या चैंबर के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल, मालवा चैंबर के अध्यक्ष अजीतसिंह नारंग, प्रेम माहेश्वरी सचिव टाइल्स व सैनिटरी एसोसिएशन और लोहा व्यापारी एसोसिएशन के इसहाक चौधरी ने कहा कि जब से जीएसटी लागू हुआ है, हम सभी संगठनों ने सैकड़ों ज्ञापन सरकार और जीएसटी काउंसिल को दे दिए हैं।
हालांकि सरकार, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड सीबीआइसी और काउंसिल ने आज तक इस ओर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया है। मज़बूरन अब करदाता को देश की शीर्ष कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। अब हम इस लड़ाई में पूरी ताकत से अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखेंगे। इस बीच एक बार और सरकार का ध्यान दिलाया जाएगा कि अभी भी मौका है कि कानूनी लड़ाई में समय बर्बाद करने के जीएसटी के रिटर्न में त्रुटि सुधार का अवसर देते हुए रिवाइज्ड रिटर्न की सुविधा शुरू करें।

संगठनों ने निर्णय लिया कि अगला ज्ञापन देने से पहले आठ नवंबर को मप्र के तमाम व्यापारी और कर सलाहकार संगठनों के सदस्य एक साथ ट्वीट कर इसकी मांग उठाएंगे। सरकार, सीबीआइसी को ट्वीट कर कम से कम 50 हजार ट्वीट किए जाएंगे। इसके बाद दिल्ली कूच कर ज्ञापन और सुप्रीम कोर्ट की लड़ाई में शामिल हुआ जाएगा।

Related Articles

Back to top button