ब्रेकिंग
Bahadurgarh News: घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग, आधार अपडेशन के लिए टोकन सिस्टम लागू करने की... Punjab Singer R Nait: कमालपुर में हुई थी शूटिंग, हथियारों वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुर... Kaithal Police Action: दुष्कर्म मामले में समझौते का खेल बेनकाब, कोर्ट परिसर में पैसे लेने वाले आरोपी... GT Road Gannaur Crime News: सीसीटीवी में कैद हुआ भीषण सड़क हादसा, पुलिस आरोपी ट्रक चालक की तलाश में ... Haryana Teacher Achieves Success in Swimming: शिक्षा के बाद अब खेल जगत में चमका मंजू दहिया का नाम, द... Disha Salian Case: 'मातोश्री' पहुंचे दिशा सालियान के पिता; आदित्य ठाकरे से मांगी बिना शर्त माफी और 5... Etawah Crime News: जमीन बेचने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में मिला शख्स का शव, पत्नी ने लगाया हत्या ... Kosi River Elephant Video: कॉर्बेट लैंडस्केप में नदी पार कर रहा था हाथियों का झुंड, उफनती धारा में ब... West Bengal By-Elections Update: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला, कोर्ट न... Dalhousie Bear Rescue Operation: डलहौजी में बस स्टैंड के पास मुंह में कनस्तर फंसे भालू का रेस्क्यू, ...
धार्मिक

Chhath Puja 2023: कब से शुरू होगा छठ पर्व, जानिए नहाय खाय, खरना और शुभ मुहूर्त

इंदौर। छठ पूजा को महापर्व कहा जाता है। यह पूरी तरह से प्रकृति को समर्पित है। इस त्योहार को लोग बड़ी आस्था के साथ मनाते हैं। दिवाली के बाद से ही छठ पर्व के लिए तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस त्योहार के दौरान व्रती 36 घंटे तक बिना पानी के व्रत रखती हैं। किसी भी अन्य त्योहार में इतना लंबा व्रत नहीं रखा जाता है। छठ पूजा की शुरुआत चार दिवसीय नहाय खाय से होती है। छठ पूजा में षष्ठी माता और सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस पर्व को सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। आइए, पंडित आशीष शर्मा के अनुसार जानें छठ पर्व कब से शुरू हो रहा है।

इस दिन से शुरू होगा छठ पर्व

छठ पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। इस बार छठ पूजा की शुरुआत 17 नवंबर को अमृत योग और रवियोग से हो रही है। छठ पूजा के दौरान नदी के किनारे भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। छठ पूजा संतान प्राप्ति या संतान के सुखी जीवन के लिए की जाती है। इस साल छठ पूजा पर विशेष संयोग बनेगा। रविवार को भगवान सूर्य का दिन माना जाता है और पहला अर्घ्य रविवार को पड़ रहा है, जो बेहद शुभ होगा।

नहाय खाय विधि

नहाय खाय के साथ चार दिवसीय छठ पूजा उत्सव की शुरुआत होती है। इस साल यह 17 नवंबर को पड़ेगा। इस दिन से ही घर में पवित्रता का ध्यान रखा जाएगा। लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित होता है। नहाय खाय के दिन व्रती सहित परिवार के सभी सदस्य कद्दू, चने की दाल, मूली, चावल आदि का सेवन करते हैं। खरना 18 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन गुड़ और खीर का प्रसाद बनाकर खाया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद व्रती 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं। इस प्रसाद को बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे और आम की लकड़ी का उपयोग किया जाता है।

ठेकुवा का प्रसाद

19 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जिसे संध्या अर्घ्य भी कहा जाता है। चौथे दिन यानी 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान व्रती सूर्य देव से सुख-शांति के लिए प्रार्थना करती हैं। पारण सुबह के अर्घ्य के बाद होता है। इसके साथ ही यह पर्व समाप्त हो जाएगा। छठ पूजा का मुख्य प्रसाद केला और नारियल है। इस पर्व के महाप्रसाद को ठेकुवा कहा जाता है। यह ठेकुवा आटा, गुड़ और शुद्ध घी से बनता है, जो काफी मशहूर है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button