ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
मध्यप्रदेश

हुकमचंद मिल मामले में मेयर इन कौंसिल की चार और निगम परिषद की तत्काल बैठक पांच दिसंबर को

इंदौर। हुकमचंद मिल मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद मेयर इन कौंसिल (एमआइसी) और परिषद की बैठक आहुत कर ली गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दुबई से इस संबंध में प्रमुख सचिव और निगमायुक्त से टेलीफोन पर चर्चा की। एमआइसी की बैठक चार दिसंबर और परिषद की बैठक पांच दिसंबर को होगी। इसमें हुकमचंद मिल के मजदूरों को शीघ्रता से भुगतान देने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी। इधर हाई कोर्ट के आदेश के बाद मप्र गृह निर्माण मंडल ने स्टेट बैंक आफ इंडिया की भोपाल शाखा में खोले गए स्वतंत्र खाते में 425 करोड़ 89 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। इसके बाद मजदूरों को बकाया भुगतान मिलना सुनिश्चित हो गया है।

हुकमचंद मिल मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा मप्र गृह निर्माण मंडल को अनुमति दिए जाने के बाद हुई अर्जेंट सुनवाई में हाई कोर्ट ने शुक्रवार को गृह निर्माण मंडल को आदेश दिया था। इसमें कहा था कि वह तीन दिन के भीतर स्टेट बैंक आफ इंडिया में खोले गए स्वतंत्र खाते में हुकमचंद मिल के देनदारों के लिए 425 करोड़ 89 लाख रुपये जमा कराए। इस आदेश के कुछ घंटे बाद ही मंडल ने यह रकम बैंक खाते में जमा करा दी। अब इस रकम को मजदूरों और अन्य देनदारों में वितरित किया जाना है।

महापौर ने निर्वाचन आयोग से मांगी अनुमति

इधर, हाई कोर्ट द्वारा आदेश जारी करने के बाद मामले में एमआइसी एवं परिषद में निर्णय लिया जाना था, लेकिन आचार संहिता के चलते यह बैठक टल गई थी। महापौर ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर एमआइसी और परिषद की बैठक की अनुमति मांगी थी। निर्वाचन आयोग ने यह अनुमति दे दी है। महापौर भार्गव ने दुबई से ही इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास प्रमुख सचिव और निगमायुक्त से चर्चा की। इसके बाद प्रकरण में चार दिसंबर को मेयर इन कौंसिल और पांच दिसंबर को परिषद की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया, ताकि मजदूरों को किए जाने वाले भुगतान के संबंध में कार्रवाई शीघ्रता से पूर्ण की जा सके।

चार घंटे में जमा करा दी रकम

मिल मामले में शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे हुई अर्जेंट सुनवाई में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने मप्र गृह निर्माण मंडल को तीन दिन मेें पैसा बैंक खाते में जमा कराने का आदेश दिया था। मंडल ने यह रकम चार घंटे में ही बैंक खाते में जमा करा दी। बताया जा रहा है कि मजदूरों का बकाया परिसमापक के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराया जाएगा।

Related Articles

Back to top button