ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें
धार्मिक

आर्थिक संकट से बचना है तो उत्पन्ना एकादशी के दिन जरूर करें ये उपाय

इंदौर। हिंदू धर्म में एकादशी पर्व का विशेष महत्व है और इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि उत्पन्ना एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

कब है उत्पन्ना एकादशी

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, मार्गशीर्ष मास की उत्पन्ना एकादशी तिथि की शुरुआत 8 दिसंबर 2023 को सुबह 05.06 बजे पर होगी और इसका समापन 9 दिसंबर 2023 को सुबह 06.31 बजे होगा। एकादशी व्रत के पारण का समय 9 दिसंबर 2023 को दोपहर 01.15 मिनट से 03.20 बजे के बीच होगा।

उत्पन्ना एकादशी पर ये करें उपाय

उत्पन्ना एकादशी तिथि के दिन सुबह जल्द स्थान के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। भगवान शालिग्राम की पूजा व ध्यान के बाद धूप और दीप से आरती करना चाहिए और भगवान श्री हरि को भोग लगाना चाहिए। 108 बार ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ के मंत्र का जाप करना चाहिए।

जरूर करें शंख से जुड़ा ये उपाय

यदि किसी जातक को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो एकादशी तिथि पर शंख में गाय का दूध भरकर शंख देवता को पवित्र जल से स्नान करना चाहिए। चंदन अर्पित कर कर विधि-विधान के साथ पूजा करना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती है। वहीं संतान सुख की भी प्राप्ति होती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button