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मध्यप्रदेश

पानी नहीं निकलने पर खेत में खुला छोड़ दिया बोरिंग जिसमें गिरा मासूम, प्रार्थनाएं भी नहीं आई कमी

आलीराजपुर। जिले के खंडाला में लापरवाही से एक मासूम की जान चली गई है। यहां पांच साल का एक बच्चा बोरिंग में गिरकर 20 फीट पर फंस गया था। प्रशासन ने साढ़े चार घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद बच्चे को बाहर तो निकाल लिया, हालांकि तब तक वह दम तोड़ चुका था। मामले में बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई है। 250 फीट गहरे बोर में पानी न आने पर उसे खेत में खुला छोड़ दिया गया। 20 फीट तक बोरिंग की चौड़ाई अधिक होने से बच्चा इतनी गहराई में जा फंसा था।

शहर से पांच किमी दूर खंडाला में बोरवेल में विजय पुत्र दिनेश (5) निवासी वास्कल फलिया खंडाला गिर गया। वह गांव के ही डावरिया फलिया में अपने मौसा सालमसिंह के यहां आया था। सालम के खेत में खेलने के दौरान बोरी से ढंके बोरवेल के गड्ढे में विजय जा गिरा। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच रेस्क्यू आपरेशन में जुट गई। बच्चा भीतर सांस ले सके इसलिए नली के जरिये उसे आक्सीजन दी गई।

हर कोई बच्चे के लिए कर रहा था दुआ

बोरवेल के दो छोर पर खोदाई कर समानांतर गड्ढा खोदा गया। मिट्टी का मलबा बोर के भीतर न गिरे इसलिए एक पाइप भी बोरिंग में डाला गया। मौके पर कलेक्टर डा. अभय अरविंद बेडेकर, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास सहित प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और एसडीआरएफ के अमले सहित जोबट विधायक सेना पटेल, भाजपा नेता इंदरसिंह चौहान भी मौजूद रहे। मौके पर भारी भीड़ जमा थी। हर कोई दुआ कर रहा था कि बच्चा सुरक्षित बाहर निकल जाए। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। दम घुटने से बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी।

स्वजन के आंसू नहीं थम रहे

स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। थोड़ी-थोड़ी देर में मां-बाप की निगाहें उस गड्ढे की ओर जा रही थीं, जिसमें मासूम फंसा था। पिता दिनेश ने बताया कि गिरने के कुछ देर बाद तक विजय ने पुकार लगाई थी। वह कह रहा था कि कोई रस्सी डालकर मुझे बाहर निकाल लो। हालांकि बाद में उसकी आवाज आनी बंद हो गई। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने जैसे ही बच्चे की मौत की खबर दी, माता-पिता बेहाल हो गए।

कई घटनाओं के बाद भी सबक नहीं, ऐसे ही छोड़ दिया बोर

यह खेत बच्चे के मौसा सालम का है। कलेक्टर डा. बेडेकर ने मीडिया से चर्चा में बताया कि करीब 15 दिन पहले ही यहां बोरिंग खोदा गया था। पानी न निकलने पर लापरवाही बरतते हुए इसे खुला छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बोरिंग करीब 250 फीट गहरा है। हालांकि शुरुआत के 20 फीट में ही चौड़ाई करीब 10 इंच है। इसके बाद बोरिंग का गड्ढा संकरा है। इसलिए बच्चा 20 फीट पर ही फंसा था।

लोगों ने कहा- ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो

बता दें कि हाल ही में राजगढ़ जिले में बोर में गिरने से एक बच्चे की जान चली गई थी। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। बोरिंग का खुला छोड़ना किसी भी बच्चे के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

विद्युत आपूर्ति हुई बाधित, जेसीबी का डीजल हो गया खत्म

रेस्क्यू आपरेशन में प्रशासन ने बेहद तत्परता तो दिखाई मगर पहले बिजली और फिर डीजल के कारण इसमें बाधा भी आई। पहले 10 मिनट और बाद में करीब तीन मिनट के लिए बिजली चली गई। जेसीबी का डीजल खत्म होने पर काम रुक गया। करीब 15 मिनट बाद डीजल डालकर फिर से जेसीबी ने खोदाई का कार्य शुरू किया।

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