ब्रेकिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे को दी 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात, हिंजेवाड़ी से शि... बॉम्बे हाईकोर्ट का बीएमसी को कड़ा निर्देश, अभिनेत्री दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा सोशल मीड... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी घमासान, छह वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्र... जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा भूचाल, सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे से उमर अब्दुल्ला क... दक्षिण ब्लॉक होगा पूरी तरह खाली, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और डीजीएमओ का कार्यालय नए शौर्य भवन में... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी हलचल तेज, कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के फैसलों पर ज... आगरा के कमला नगर में पीवीसी कारोबारी के घर बड़ी चोरी, तीन नकाबपोश बदमाश 70 लाख के जेवर ले उड़े गोवंश तस्करी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वाहन जब्ती को अवैध करार देकर सरकार पर लगाया ... बिहार में नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे, NHAI और राज्य सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से...
देश

अब 13 जनवरी तक नहीं बजेगी शहनाइयां, लाखों रहेंगे कुंवारे, सामने आई वजह

जैतो: आज 16 दिसम्बर को मलमास लग गया है।जो आगामी 13 जनवरी 2024 तक जारी रहेगा जिस दौरान हिंदू शास्त्रों के मुताबिक कोई भी शुभ मंगलमय कार्य जैसे न‌ए गृह प्रवेश, भूमि पूजन, दुकान यक्षोपवीत ,मुंडन और विशेषकर सगाई व शादियां रचना वर्जित माना गया है जिससे अब 16 दिसम्बर से 13 जनवरी तक न होगी शादियां और न बजेंगी शहनाइयां।

करीब एक माह तक लाखों कुंवारों को अपनी शादियों का इंतजार करना पड़ेगा। प्रख्यात ज्योतिषाचार्य स्व. पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री विद्यालयलंकार के पुत्र पंडित शिव कुमार शर्मा के अनुसार भारत के सनातन धर्मों के लोग मलमास लगने से अपने बच्चों की शादियां नहीं करते हैं क्योंकि वह अपने बच्चों की शादियां शुभ मुहूर्त में ही रचना पसंद करते हैं। इस मास में सभी प्रकार के शुभ कार्य करना शास्त्रानुसार निषेध माना गया हैं।

क्या होता है मलमास ?
हिंदू पंचाग के अनुसार सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, वहीं चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। ऐसे में दोनों चंद्र और सूर्य वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है, जो तीन वर्ष में 33 दिन यानि की लगभग एक महीने का हो जाता है। इसी एक अतिरिक्त महीने को मलमास कहा जाता है। इसी बढ़े हुए माह को अधिक मास या मलमास कहा जाता है।

Related Articles

Back to top button