ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... फर्जी लेडी IAS तृप्ति सिंह पर भोपाल में एक और FIR: MPT में होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी; भाई समे...
मध्यप्रदेश

इंदौर में पश्चिमी रिंग रोड का सर्वे पूरा, जमीन के खसरा नंबर का होगा प्रकाशन

इंदौर। इंदौर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पश्चिमी रिंग रोड का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। मुख्यालय से गांवों और जमीन के खसरा नंबर का प्रकाशन होना है। करीब एक हजार करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

140 किमी लंबे पश्चिम रिंग रोड का सर्वे एनएचएआइ ने पूरा कर लिया है। रोड के लिए आने वाले गांवों का ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके आधार पर जमीन के खसरा नंबर के प्रकाशन के लिए प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय भेजा गया है। संभवत: जनवरी के पहले सप्ताह में नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। गौरतलब है कि एचएचएआइ ने विगत तीन माह में ड्रोन सर्वे पूरा कर जमीन की भौतिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की थी, ताकि इसके आधार पर दूसरी अधिसूचना जारी हो सके।

64 किमी में होगा निर्माण

पश्चिमी रिंग रोड 140 किमी में बनाई जाना है, लेकिन अभी 64 किमी में निर्माण की अनुमति मिली है। यह छह लेन सड़क शिप्रा से शुरू होगी और पीथमपुर के पास नेट्रेक्स तक बनेगी। इसमें 39 गांवों की करीब 650 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा देना होगा।

किसान कर रहे विरोध

पश्चिम रिंग रोड के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की जाना है, वे इसका विरोध कर रहे है। किसानो के विरोध के कारण कई क्षेत्रों में एनएचएआइ अब तक पत्थर लगाने का काम पूरा नहीं कर पाई। किसान गांव-गांव बैठककर अन्य किसानों को जमीन अधिग्रहण के लिए लामबंध कर रहे हैं। किसानों ने 26 दिसंबर को महापंचायत बुलाई है। इसमें इंदौर और देवास जिले के किसान भी शामिल होंगे।

पश्चिमी रिंग रोड के लिए धारा 3ए के तहत गांव और जमीन के खसरा नंबर का प्रकाशन मुख्यालय से होना है। इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया है। इसके बाद धारा 3डी में खसरा नंबर और भूधारक का प्रकाशन होगा। सड़क निर्माण के लिए टेंडर की तैयार भी हो चुकी है।

-सुमेश बांझल, महाप्रबंधक एचएचएआइ

Related Articles

Back to top button