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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के पत्र का उपराष्ट्रपति ने दिया जवाब, बोले- संसद की सुरक्षा के मामले पर मिलकर करते हैं चर्चा

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने पत्र में संसद की सुरक्षा के उल्लंघन और सांसदों के निलंबन विषय पर खड़गे की चर्चा को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि आप 25 दिसंबर को शाम 4 बजे उप राष्ट्रपति निवास पर बातचीत के लिए समय निकालेंगे तो आभारी रहूंगा।

जगदीप धनखड़ ने लिखा कि राजनीतिक रणनीति के रूप में व्यवधान और अशांति को हथियार बनाना लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र करने से कम नहीं है। काउंसिल ऑफ स्टेट्स, उच्च सदन, एल्डर्स हाउस के सदस्यों के रूप में हमें अपने आचरण को दूसरों के लिए अनुकरणीय बनाना होगा। चैंबर में बातचीत के मेरे प्रस्ताव को ‘अस्वीकार’ करने के आपके रुख को सदन में मुझे दुखद रूप से सहना पड़ा। विचार करने पर, आप इस बात से सहमत होंगे कि सभापति के साथ बातचीत से बचना और विपक्ष के नेता द्वारा सदन के पटल पर इस तरह के अनुरोध को अस्वीकार करना अवांछनीय रूप से अभूतपूर्व है और निश्चित रूप से अच्छी तरह से स्थापित संसदीय परंपरा के अनुरूप नहीं है, जिसके आप सदस्य हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा पत्र

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा एलओपी मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को 22 दिसंबर को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लिखा कि मैं आपका ध्यान इस ओर दिलाना चाहूंगा कि संसद की सुरक्षा के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे को संबोधित करने के लिए राज्यसभा के नियमों और प्रक्रिया के नियमों के तहत कई नोटिस दिए थे। विपक्षी दल इस मामले पर एक सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए तैयार थे। मैं खुली चर्चा और संवाद के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराना चाहता हूं। मैं निकट भविष्य में सुविधाजनक तारीख और समय पर आपके साथ बैठक में शामिल होना चाहता हूं।

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