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मध्यप्रदेश

प्रो. हिमांशु राय दोबारा आइआइएम इंदौर के निदेशक बने, बोर्ड ने दी मंजूरी

इंदौर। भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम इंदौर) के निदेशक प्रो. हिमांशु राय का दूसरा कार्यकाल सोमवार से शुरू हो गया। संस्थान की बोर्ड आफ गवर्नर्स ने उनकी पुनर्नियुक्ति की है। वैसे उनका पहला कार्यकाल रविवार 31 दिसंबर को खत्म हो चुका है। दूसरा कार्यकाल पांच साल के लिए 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। प्रो. राय आइआइएम इंदौर के पहले ऐसे निदेशक हैं, जिन्हें लगातार दूसरी बार नियुक्त किया गया है।

बोर्ड के चेयरमैन एमएम मुरुगप्पन ने कहा कि संस्थान के विकास में उनकी दूरदर्शी रणनीतियों और असीम समर्पण रहा है। संस्थान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रो. राय ने कहा कि दोबारा निदेशक नियुक्त होना बड़ा सम्मान है। मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान को और भी अधिक उत्कृष्टता की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में आइआइएम इंदौर 20 देशों के 48 संस्थानों के साथ साझेदारी का लाभ उठाते हुए अपना अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करेगा।

कैंपस को अल्ट्रा-माडर्न और नेट जीरो बनाएंगे

प्रो. राय ने कहा कि संस्थान का विस्तार करने के साथ पीजीपी, आइपीएम और पीजीपीएचआरएम सहित अपने प्रमुख कार्यक्रमों में सीटें बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। कैंपस को अल्ट्रा-माडर्न और नेट जीरो कैंपस बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पहल में नए शैक्षणिक व प्रशासनिक ब्लाक, कार्यकारी निवास और छात्रावासों का निर्माण शामिल हैं।

75 विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ करेंगे साझेदारी

भविष्य की योजनाओं में 75 विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी करना शामिल है। विकास और नवाचार के लिए हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं। एलुमनाई नेटवर्क को मजबूत करेंगे, जिसमें 10,000 से अधिक सदस्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य आने वाले वर्ष तक लगभग 210 से अधिक पाठ्यक्रमों की पेशकश करना है, जो एग्जीक्यूटिव्स को उनके संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अत्याधुनिक ज्ञान व कौशल प्रदान करेंगे।

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