ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
धार्मिक

14 जनवरी को मनाई जाएगी विनायक चतुर्थी, इन मंत्रों का करें जाप, दोगुना मिलेगा लाभ

2.ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।

ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति करो दूर क्लेश ।।

3.त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।

नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

4. ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥

5. महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

6. गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः ।

द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः ॥

विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः ।

द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌ ॥

विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌ ।

7. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात”

8. ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये।

वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।

9. दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।

धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥

10. गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।

धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।

गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button