ब्रेकिंग
MP Traffic Advisory: सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के चलते पवई में रूट डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प... Madhya Pradesh News: प्रदेश के खनिज वाहनों में लगेंगे फास्टैग, कंप्यूटराइज्ड निगरानी से रुकेगी राजस्... Khandwa Medical College: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन, अस्पताल परिसर में किया भारी हंगामा Nalkheda Temple Security: एसपी दिलीप कुमार सोनी ने किया पुलिस चौकी का शुभारंभ, लंबे समय की मांग हुई ... Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प... Durga Puja Ranchi Update: त्योहारी सीजन में नगर निगम कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी मुश्किलें, जयप... Surajpur Crime News: जयनगर में मां और 12वीं के छात्र बेटे की संदिग्ध हालत में मिली लाश, इलाके में फै... Kunkuri Elephant Attack Panic: महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल परिसर में पहुंचा लोनर हाथी, दहशत में... Bhilai Student Suicide: अस्थि विसर्जन में नहीं ले जाने से नाराज था छात्र, जामुल थाना क्षेत्र में घर ...
मध्यप्रदेश

कान्ह-सरस्वती नदी में अपशिष्ट छोड़ने वाली 9 फैक्ट्रियों पर प्रशासन ने जड़ा ताला, बिजली सप्लाई बंद

इंदौर। क्षिप्रा नदी के शुद्धिकरण को लेकर इंदौर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसके चलते प्रशासन ने कान्ह और सरस्वती नदी में बगैर ट्रीट किया हुआ सीवरेज का पानी छोड़ने वाली 9 फैक्ट्रियों की विद्युत सप्लाई बंद कर दी है।

कलेक्टर ने की थी बैठक

गौरतलब है कि कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार को सिटी बस कार्यालय के सभाकक्ष में नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्‍होंने इंदौर की नदियों और नालों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कार्य नीति तैयार करने पर चर्चा की थी। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को ऐसे उद्योग जो अपशिष्ट पदार्थ और सीवेज को बिना उपचार सीधे नदी और नालों में प्रवाहित कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।

बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि नदी और नालों को 2028 तक प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इंदौर में एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। यह एक्शन प्लान दो भागों में बांटा जाएगा, जिसमें एक दीर्घकालीन कार्य नीति होगी तथा एक अल्पकालीन कार्य नीति होगी। उन्‍होंने नगर निगम आयुक्त हर्षिका सिंह को भी निर्देश दिए थे कि नमामि गंगे एवं अमृत 2.0 योजना अंतर्गत प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साथ ही शहर में ऐसे अन्य नाले भी चिन्हांकित किए जाएं जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की जरूरत है।

ग्राम पंचायतों के लिए बनाई है ये योजना

बता दे कि इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में क्षिप्रा और कान्ह नदी के किनारे 62 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों में 119 कम्युनिटी लीच पिट और 49 ग्रेवल फिल्टर लगाए जाएंगे ताकि नदी एवं नालों को प्रदूषण मुक्त बनाया जाए। इसमें प्रत्येक ग्राम के लिए अलग कार्य नीति बनाई जाएगी।

Related Articles

Back to top button