ब्रेकिंग
Dhamtari Social Service: जिनकी पहचान नहीं, उनके अपने बने लोग, 717 अज्ञात शवों के निमित्त हुआ विधि-वि... Durg Cyber Crime: मतदाता सूची (SIR) सुधार के नाम पर भिलाई में साइबर ठगी, निजी कंपनी अधिकारी से 6.25 ... Bastar Dussehra 2026: काछनगादी रस्म के साथ शुरू हुआ बस्तर दशहरा, कांटों के झूले पर बैठीं देवी से मिल... Kanker Navratri 2026: कांकेर में रास गरबा की भव्य तैयारी, नए कम्युनिटी हॉल में सजेगा 9 दिवसीय उत्सव Satbahini Village Dacoity: झारखंड के पलामू में बदमाशों का आतंक, पुलिसकर्मी के घर से जेवरात और नकदी ल... Ranchi News: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने किया नमो जीवन रक्षक 'रक्षित' बाइक एंबुलेंस का लोकार्पण, ज... Dr Ajit Kumar Mohanty at BIT Mesra: 'डिग्री से ज्यादा चरित्र और ईमानदारी जरूरी', परमाणु वैज्ञानिक ने... Dhanbad Police News: दुर्गा पूजा को लेकर धनबाद पुलिस मुस्तैद, आपराधिक गतिविधियों पर कसेगा शिकंजा Jharkhand Politics: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और सांसद पप्पू यादव ने रूपी सोरेन के निधन पर जताया शोक MP Congress News: दीपक बाबरिया के निधन से पार्टी में शोक की लहर, रणदीप सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने द...
देश

कांग्रेस सरकार ने ठुकराई थी MSP पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश, सदन में मंत्री ने दिया ये जवाब

किसानों का आंदोलन एक बार फिर दिल्ली कूच करने पर आमादा है. किसान एमएसपी पर स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं. विपक्षी दलों ने भी किसानों की मांग का समर्थन कर दिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अगर भविष्य में महागठबंधन की सरकार बनती है तो किसानों की एमएसपी की मांग पूरी की जायेगी. लेकिन साल 2010 में जब यूपीए की सरकार थी तब एमएसपी पर स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को लागू करने से खारिज कर दिया गया था.

साल 2010 में राज्यसभा में इस बाबत हुआ एक सवाल-जवाब इस तथ्य की पुष्टि करता है. 16 अप्रैल को एमसपी पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लेकर राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने मंत्री से सवाल किया था. उनका सवाल था क्या सरकार ने किसानों को भुगतान किए जाने वाले लाभकारी मूल्यों की गणना के संबंध में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है? यदि हां, तो इस संबंध में ब्यौरा क्या है; और यदि नहीं तो इसके क्या कारण हैं?

एमएसपी पर यूपीए सरकार ने दिया था जवाब

प्रकाश जावड़ेकर के इस प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्रालय में तत्कालीन खाद्य एवं उपभोक्ता मामले तथा सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्र केवी थॉमस ने जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय किसान आयोग ने सिफारिश की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन की औसत लागत से कम से कम 50% अधिक होना चाहिए.

थॉमस ने कहा- बाजार का संतुलन बिगड़ेगा

हालांकि इसी के साथ उन्होंने आगे ये भी कहा कि इस सिफारिश को सरकार ने स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने इस संबंध में ये तर्क दिया था कि एमएसपी की सिफारिश कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) के मापदंडों के आधार पर और साथ ही वाजिब जरूरतों के आधार पर विचार करते हुए की जाती है. तत्कालीन सरकार का ये मानना था कि लागत पर कम से कम 50% की वृद्धि निर्धारित करने से बाजार की व्यवस्था खराब हो सकती है. एमएसपी और उत्पादन लागत के बीच का संतुलन बिगड़ सकता है.

Related Articles

Back to top button