भोपाल। हरदा में हुए हादसे के बाद राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। अब शहर की गैस एजेंसी पर सिलेंडर रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे या फिर एजेंसी के बाहर वाहन खड़ा कर भी सिलेंडर नहीं बेचे जा सकते। यदि इन नियमों का उल्लंघन एजेंसी संचालक द्वारा किया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सख्ती के बाद से घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। राजधानी में गैस सिलेंडर उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ता लगभग साढ़े पांच लाख हैं। […]
भोपाल। हरदा में हुए हादसे के बाद राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। अब शहर की गैस एजेंसी पर सिलेंडर रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे या फिर एजेंसी के बाहर वाहन खड़ा कर भी सिलेंडर नहीं बेचे जा सकते। यदि इन नियमों का उल्लंघन एजेंसी संचालक द्वारा किया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सख्ती के बाद से घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है।
राजधानी में गैस सिलेंडर उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ता लगभग साढ़े पांच लाख हैं। इनको लगभग 35 गैस एजेंसियों से सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है।अभी तक इन एजेंसियों से लोगों को तत्काल सिलेंडर मिल जाया करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हरदा हादसे के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा एजेंसियों पर सिलेंडर रखने और वितरण करने पर रोक लगा दी है। साथ ही वाहन से भी सिलेंडर नहीं दिए जा सकते हैं। अब यदि उपभोक्ता को तत्काल सिलेंडर चाहिए तो उसे कंपनी के गोदाम पर जाना होगा।
हरदा हादसे के बाद हुई सख्ती के चलते उपभोक्ता सिलेंडर समय पर प्राप्त करने के लिए आनलाइन बुकिंग भी कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको सात -सात दिन तक सिलेंडर नहीं मिल रहा है। जबकि बुकिंग के 48 घंटे में सिलेंडर उपभोक्ता को उपलब्ध कराना एजेंसी की जिम्मेदारी है। इधर एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के चलते सिलेंडर आपूर्ति करने में दिक्कतें हो रही हैं। गोदाम से विभिन्न क्षेत्रों में वाहन द्वारा सिलेंडर आपूर्ति करने में समय लग रहा है।
हरदा हादसे के बाद सभी गैस एजेंसियों की जांच कर हिदायत दी गई है कि वह सिलेंडर नहीं रखेंगे।साथ ही सार्वजनिक स्थान पर वाहन खड़ा कर भी नहीं बेचेंगे लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा बुकिंग करने पर तय समय में सिलेंडर उपलब्ध कराना होगा। यदि एजेंसी संचालकों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है तो जांच कर कार्रवाई कराई जाएंगी।