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मध्यप्रदेश

नगर निगम में अब बायोमेट्रिक से हाजिरी पांच हजार कर्मचारियों के लेंगे थंब इंप्रेशन

ग्वालियर । सफाई से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक में पदस्थ कर्मचारियों के मनमाने रवैये और बिना बताए काम से अनुपस्थित रहने के कई मामले सामने आने के बाद नगर निगम में एक बार फिर से बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस व्यवस्था के तहत निगम में पदस्थ नियमित, विनियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों को अब थंब इंप्रेशन के जरिए हाजिरी लगानी होगी। इसके लिए निगम में बायोमेट्रिक मशीनों की टेस्टिंग का काम शुरू किया गया है। इन मशीनों की टेस्टिंग होने के बाद इन्हें निगम मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और जनमित्र केंद्रों पर लगा दिया जाएगा। इसके अलावा निगम के अन्य कार्यालयों जैसे चिड़ियाघर, फायर ब्रिगेड और बाल भवन में भी ये मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों के जरिये ही कर्मचारियों को हाजिरी लगानी होगी।

हालांकि अभी सफाई कर्मचारियों को इस व्यवस्था में शामिल नहीं किया गया है। उनकी निगरानी फिलहाल कंट्रोल रूम से ही होगी। दूसरे चरण में सफाईकर्मियों को भी बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। दरअसल नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह द्वारा पिछले दिनों किए गए निरीक्षणों में यह सामने आया है कि क्षेत्रीय कार्यालयों और जनमित्र केंद्रों में पदस्थ स्टाफ मनमर्जी से आ-जा रहा है। बिना बताए ड्यूटी से नदारद रहने के बाद कर्मचारी छुट्टी से लौटकर रजिस्टर में हाजिरी भर देते हैं। ऐसे में आम जनता के काम प्रभावित होते हैं और कई प्रकरण लंबित हो जाते हैं। इसके चलते निगमायुक्त ने दोबारा से यह व्यवस्था लागू करने के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं। निगमायुक्त के आदेश के बाद निगम के आइटी विभाग ने इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार को सौंप दिया है।

ऐसे बनाई जाएगी व्यवस्था

वर्तमान में नगर निगम के पास लगभग 20 बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ मशीनें काम कर रही हैं, तो कुछ की बैटरियां खराब हो चुकी हैं। ऐसे में इनकी मरम्मत कराई जाएगी। इन मशीनों को निगम मुख्यालय से लेकर बाल भवन और ऐसे कार्यालयों पर लगा दिया जाएगा, जहां कर्मचारी हाजिरी लगा सकें। अधिकतर क्षेत्रीय कार्यालयों के अंदर ही जनमित्र केंद्र भी संचालित होते हैं, जहां सीक्यूजेन मशीनें मौजूद हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदनों को आनलाइन पंच करने के लिए अधिकृत कर्मचारी के अंगूठे के निशान इस मशीन में दर्ज होते हैं। ऐसे में इन मशीनों के जरिए क्षेत्रीय कार्यालयों पर पदस्थ कर्मचारी अपनी हाजिरी लगा सकेंगे।

कोविड के समय बंद हुई थी मशीनें

पूर्व में नगर निगम में लिपिकीय और कार्यालयीन स्टाफ की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन के जरिये ही लगा करती थी। इसके लिए निगम मुख्यालय सहित क्षेत्रीय कार्यालयों पर ये मशीनें लगाई गई थीं। इन मशीनों पर अंगूठा या अंगुली लगाकर ही सिस्टम में हाजिरी पंच की जाती थी और इसी हाजिरी के आधार पर वेतन का भुगतान किया जाता था। वर्ष 2020 में जब कोरोना संक्रमण की शुरूआत हुई, तो शासन ने बायोमेट्रिक मशीनों से हाजिरी पर रोक लगा दी थी। ऐसे में इन मशीनों को बंदकर रख दिया गया था और रजिस्टर पर हाजिरी की व्यवस्था शुरू की गई थी। अब दोबारा इसे लागू किया जाएगा।

बायोमेट्रिक हाजिरी लागू कर रहे हैं यह सही है कि कई स्थानों पर कर्मचारियों के बिना बताए गैरहाजिर रहने की शिकायतें आई हैं। इस पर रोक लगाने के लिए हम बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था को दोबारा लागू कर रहे हैं। मैंने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द ही मुख्यालय से लेकर अन्य कार्यालयों में ये मशीनें लगाई जाएंगी।

हर्ष सिंह, आयुक्त, नगर निगम।

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