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मध्यप्रदेश

बंद हुई बेस्ट ऑफ फाइव योजना, छात्रों को सभी विषयों में होना होगा पास

इंदौर। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं कक्षा के लिए कुछ साल पहले शुरू की गई बेस्ट ऑफ फाइव योजना को बंद कर दिया है। दरअसल मंडल की 2017 में आयोजित हुई 10वीं की बोर्ड परीक्षा में आधे से अधिक परीक्षार्थी फेल हो गए थे। जिसके बाद मंडल ने दसवीं परीक्षा में वर्ष बेस्ट ऑफ फाइव योजना को लागू की थी। जिसमें किसी भी किसी एक विषय में फेल होने पर भी परीक्षार्थी पास कर दिया जाता था।

परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए माशिमं ने नौवीं और दसवीं में बेस्ट फाइव योजना लागू की थी। जिसमें परीक्षार्थी सभी छह विषय की परीक्षा में शामिल हाेते थे, लेकिन सर्वाधिक पांच अंक वाले विषयों के नंबर जोड़कर रिजल्ट घोषित किया जाता था, जबकि सबसे कम अंक आने वाले विषय को रिजल्ट में शामिल नहीं किया जाता। इससे विद्यार्थियों ने अंग्रेजी, गणित व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को की तैयारी करना ही बंद कर दी थी।

बेस्ट ऑफ फाइव लागू होने के बाद दसवीं के वर्ष 2018 के रिजल्ट में काफी सुधार आया। लेकिन योजना का असर यह हुआ कि विद्यार्थियों ने गणित व अंग्रेजी पर ध्यान देना बंद कर दिया। पिछले सालों में दसवीं की गणित व अंग्रेजी में सबसे ज्यादा विद्यार्थी फेल हुए है। इसी कारण से नए शिक्षा सत्र से इस योजना को बंद कर दिया गया है।

aगणित में होगा विकल्प

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस शिक्षा सत्र से पहली बार दसवीं के विद्यार्थियों को सामान्य गणित व उच्च गणित का विकल्प दिया जाएगा। इस संबंध में माशिमं सचिव केडी त्रिपाठी ने दिशा-निर्देश जारी किए है। दरअसल माशिमं उच्च गणित और सामान्य गणित का सत्र 2023-24 में नौंवीं कक्षा से लागू किया है। जिसमें विद्यार्थी उच्च और सामान्य गणित में कोई एक विकल्प चुन सकता है। इस दसवीं में भी इस विकल्प को जोड़ दिया गया है।

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