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मध्यप्रदेश

उमरिया में दिल्ली रवाना होने से पहले महुआ संग्राहकों से मिले राहुल गांधी

उमरिया। 13 जुलाई 1986 को प्रधानमंत्री राजीव गांधी उमरिया आए थे और वे सड़क के किनारे किए गए पौधारोपण को देखने के लिए उतर गए थे। उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि पौधारोपण का काम लापरवाही से किया गया है। कुछ देर वे पास में ही महुए के एक पेड़ के नीचे रूके थे और पौधारोपण के काम के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की थी।

वे वन विभाग के अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नाराज होकर उन्होंने उस क्षेत्र के रेंजर को निलंबित करने के लिए कह दिया था जिसे बाद में कलेक्टर ने निलंबित भी कर दिया था। राजीव गांधी जब उमरिया आए थे तब वे प्रधानामंत्री थे जबकि सोमवार को उमरिया पहुंचे राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद के रूप में यहां पहुंचे, रास्ते में महुआ बीन रही महिलाओं को देखकर वाहन रूकवाकर उतरने का उनका अंदाज भी राजीव गांधी जैसा ही था।

महिलाओं का बढ़ाया हौसला

राहुल गांधी काफिला उमरिया पहुंचने के बाद जब हवाई पट्टी की तरफ बढ़ रहा था ठीक उसी समय वन विकास निगम डिपो के नजदीक मुक्तिधाम में महुआ बीन रही महिलाओं को उन्होंने देख लिया और अपनी गाड़ी रूकवा ली। कार से उतरकर वे सीधे महुआ बीन रही महिलाओं के बीच पहुंच गए। सभी का अभिवादन करने के बाद उन्होंने उन्हें अपना परिचय दिया।

अपने बीच राहुल गांधी को पाकर महिलाएं चकित रह गईं। सिंगल टोला की रहने वाली इन महिलाओं राहुल गांधी को छूकर यकीन किया कि वे उनके बीच में हैं। राहुल ने उनसे महुआ बीनने से लेकर उसे बाजार में बेचने तक के प्रोसेस के बारे में पूछा और फिर उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि एक-एक महुए के फूल को इस तरह बीनकर एकत्र करना आसान काम नहीं है।

वे एक बड़ा और मेहनत का काम कर रहीं हैं, धन्य हैं वे जो सूर्योदय के भी पहले अपने काम में जुट जाती हैं। उन्होंने महिलाओं की समस्याओं पर भी चर्चा की। इसके बाद राहुल गांधी ने उनकी एक छोटी टोकरी ली और खुद भी कुछ महुए के फूल बीने।

उन्होंने एक दो फूलों को मुंह में रखकर उनका स्वाद भी जाना। इसके बाद उन्होंने महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाए और फिर उनका अभिवादन करके हवाई पट्टी की तरफ रवाना हो गए।

खड़े-खड़े की चर्चा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मंगलवार की सुबह शहडोल से सड़क मार्ग से चलकर उमरिया पंहुचे थे और जब वे हवाई पट्टी पहुंचे तब तक उनका एयर क्राप्ट यहां नहीं पहुंचा था। परिणामस्वरूप उन्होंने हवाई पट्टी पर बाहर खड़े होकर ही कांग्रेस नेताओं के साथ काफी देर तक चर्चा की।

हवाई पट्टी में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एमपी की 29 लोकसभा सीटों में भाजपा से अधिक सीटें जीतने का दावा किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुस्लिम लीग की छाप वाला बताने पर जीतू पटवारी ने कहा कि पूरे देश का भ्रमण करने और आम जनता की बात सुनने के बाद यह घोषणा पत्र तैयार किया गया है।

इस दौरान उनके साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, कुणाल चौधरी जिला अध्यक्ष कांग्रेस अजय सिंह पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा वरिष्ठ कांग्रेसी त्रिभुवन प्रताप सिंह कई अन्य नेता मौजूद रहे। इसके बाद राहुल गांधी उमरिया हवाई पट्टी पहुंचे हैं जहां से निजी विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

जीतू पटवारी ने गांधी चौक में पी चाय

राहुल गांधी के रवाना होने के बाद भी जीतू पटवारी उमरिया में रूके रहे। दरअसल उनके हेलीकाप्टर को आने में काफी समय था सो वे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ उमरिया शहर का भ्रमण करते रहे। गांधी चौक पहुचकर जीतू पटवारी ने सड़क के किनारे लगे ठेले पर चाय पी और वहां मौजूद लोगों के साथ चर्चा की।

अपने स्टाल पर जीतू पटवारी को देखकर चाय स्टाल के संचालक मोहन गुप्ता दंग रह गए। उन्होंने हाथ जोड़कर आगंतुकों का स्वागत किया और बेहतर चाय पिलाने के आश्वासन के साथ उनके लिए अच्छी चाय भी बनाई। इस दौरान जीतू पटवारी ने मोहन और आसपास के अन्य लोगों से उनके परिवार की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद वे यहां से रवाना हो गए।

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