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उत्तरप्रदेश

मुख्तार के बेटे अब्बास को तीन दिन की राहत, पिता की कब्र पर पढ़ सकेंगे फातिहा, गाजीपुर जेल में कटेगी रात

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी को तीन दिन के लिए अंतरिम राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को अपने पिता मुख्तार अंसारी की कब्र पर फातिहा पढ़ने की इजाजत दी. अब्बास 10 अप्रैल को मुख्तार अंसारी की कब्र पर फातिहा पढ़ेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा पूरी सुरक्षा के बीच अब्बास अंसारी को लाया जाए.

10 अप्रैल को फातिहा पढ़ने के बाद अब्बास अंसारी को वापस गाजीपुर जिला जेल में रखा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा 11 और 12 अप्रैल को अब्बास अंसारी अपने परिवार वाले से मुलाकात करेंगे. वहीं, 13 अप्रैल को अब्बास अंसारी को वापस कासगंज जेल में लाया जाएगा. अंतरिम राहत के दौरान अब्बास कोई मीटिंग और इंटरव्यू नहीं देंगे.

‘कार्यक्रम अटेंड कर सकते हैं लेकिन अपने घर…’

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा आज शाम 5 बजे से पहले अब्बास को कासगंज जेल से निकाला दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कार्यक्रम अटेंड कर सकते हैं लेकिन अपने घर पर शाम को रुक नहीं सकते हैं. शाम को लॉकअप में ही रहेंगे.

बताते चलें कि मुख्तार की मौत के बाद अब्बास उनके जनाजे में नहीं शामिल हो सके थे. मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से सांसद अफजाल ने कहा था कि वो अब्बास को पैरोल नहीं बल्कि रेगुलर बेल दिलवाने की कोशिश करेंगे. जब मुख्तार की मौत हुई तो हमने अब्बास को पैरोल दिलवाने की कोशिश की थी. मगर, तब जज कोर्ट में नहीं थे. इस कारण पैरोल नहीं मिल सकी.

सरकार और जेल प्रशासन के बयान अलग-अलग: वकील

उधर, मुख्तार की मौत मामले में परिवार ने अपने वकील के जरिए एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की. वकील रणधीर सिंह सुमन ने कोर्ट से मौत मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर सरकार और बांदा जेल प्रशासन के बयानों में विरोधाभास है. सरकार अस्पताल में मुख्तार को हार्ट अटैक आने की बात कर रही है, जबकि बांदा जेल प्रशासन ने अभी तक जेल में दिल का दौरा पड़ने का दावा किया था.

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