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कैसे करें चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन? यहां मिलेगी यात्रा की पूरी जानकारी….

उत्तराखंड में आज यानि 10 मई की सुबह 7 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खुल चुके हैं. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी खुल गए हैं. वहीं,बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुलेंगे. चारधाम यात्रा के लिए अभी तक 22 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है. मुख्यमंत्री धामी के मुताबिक, इस साल चारधाम यात्रा करने आए श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड टूट सकता है.

श्रद्धालुओं के लिए इस यात्रा को व्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए चारधाम यात्रा 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.केदारनाथ धाम 10 मई सुबह 7 बजे खुल गए हैं. वहीं, यमुनोत्री, गंगोत्री और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद चार धाम यात्रा शुरू हो जाएगी.चारधाम यात्रा के लिए पर्यटन विभाग की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं दी गईं हैं.

यहां से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

इसके लिए आपको सबसे पहले चारधाम यात्रा की ऑफिशियल वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/ पर जाना होगा.इसके बाद रजिस्ट्रर या लॉगइन पर क्लिक करें. यहां पर्सनल डिटेल्स भरने के बाद फॉर्म खुलने पर सभी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि भरकर साइन अप करें. यहां पर आप फैमिली ग्रुप कैसे जा रहे हैं, उस पर क्लिक करें. इसके बाद रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक होती ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्रेशन नंबर आ जाएगा. इस नंबर से ही रजिस्ट्रेशन कार्ड डाउनलोड करें. चारधाम यात्रा में आपको इसी कार्ड को दिखाने पर एंट्री दी जाएगी. साथ ही यहां आपको अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे ऑप्शन पर क्लिक करके इन्हें स्कैन करके फोटो भी अपलोड करनी होगी.

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 8 मई से हरिद्धार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू हो चुकी है. पर्यटन विभाग की ओर से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए जो व्यवस्था लागू की गई है,उसमें ऋषिकेश सेंटर से प्रत्येक दिन प्रत्येक धाम के लिए कुल 4000 पंजीकरण किए जाने हैं.जबकि हरिद्वार सेंटर से प्रति धाम 2000 पंजीकरण किए जाने हैं. इसके लिए टोटल 18 पंजीकरण काउंटर खोले गए हैं.उम्मीद की जा रही है कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन से भी तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होगा.

व्हाट्सएप पर मिलेगी चारधाम यात्रा की जानकारी

व्हाट्सएप पर चारधाम यात्रा से जुड़ी हर जानकारी को पाने के लिए +91 8394833833 पर यात्रा लिखकर भेजने पर यात्रा से जुड़ी सारी सूचना आपके व्हाट्सएप नंबर पर आ जाएगी.

यात्रा के दौरान ले जाने वाली चीजें

यात्रा के समय वाटर प्रूफ जूते और बैग लेकर जाएं.इसके अलावा बैटरी से चलने वाली टार्च और पर्याप्त बैटरी ले जाएं. रास्ते के लिए पानी और ड्राई फ्रूट्स भी रखें.ज़रूरी कागज़ात जैसे की टिकट्स, आइडेंटिटी प्रूफ, और पैसे भी वाटरप्र्रोफ बैग में रखें. यात्रा के दौरान हमेशा सर्दी, खांसी और बुखार के लिए जरूरी दवाओं की एक किट साथ रखें. इसके अलावा, बैंड-एड्स और एक एंटीसेप्टिक मरहम ले जाएं.सनबर्न से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें.ऊनी कपड़े जैसे की बॉडी वार्मर, स्वेटर, जैकेट, टोपी, जुराबें, और ग्लव्स ले के जाएँ.विंडचीटर, रेनकोट, और बारिश से बचने के लिए छाता भी रखें.

इन महीनों में यात्रा सुगम

चारधाम यात्रा अप्रैल मई से शुरू होती है, जो कि हर साल अक्टूबर-नवंबर में दीपावली के आसपास बंद हो जाती है. चारधाम यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर तक माना जाता है. क्योंकि इन दिनों में मौसम सुहाना होता है, जो की चारधाम यात्रा को आरामदायक और सुखद बनता है. गर्मियों के दौरान मौसम अच्छा रहता है. हालांकि, मानसून के मौसम में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि भारी बारिश होती है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ की आशंका बानी रहती है. वहीं, सर्दियों के मौसम में, भारी बर्फबारी होती है, जिसकी वजह से मंदिर लगभग छह महीने तक बंद रहते हैं.

सड़क मार्ग से कैसे जाएं?

आप सड़क मार्ग से चारधाम यात्रा हरिद्वार, दिल्ली, ऋषिकेश,और देहरादून से शुरू कर सकते हैं.हरिद्वार रेलवे स्टेशन इन पवित्र स्थानों में सबसे पास रेलवे स्टेशन है. साथ ही हरिद्वार सड़क और रेल नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली और दूसरे शहरों से जुड़ा हुआ है. यहां राज्य परिवहन और निजी बसें इन पवित्र तीर्थ स्थलों के लिए उपलब्ध हैं. इसके अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, और देहरादून से टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है.

हेलीकॉप्टर से कैसे जाएं?

देहरादून से चार धाम के लिए हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध हैं. हेलीकॉप्टर सेवा देहरादून से खरसाली तक है, जो यमुनोत्री मंदिर से लगभग 6 किमी दूर है. हरसिल हेलीपैड गंगोत्री मंदिर के लिए सबसे पास वाला हेलिपैड है, जो मंदिर से सिर्फ 25 किमी की दूरी पर स्थित है. बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के हेलिपैड भी मंदिर के पास स्थित हैं.

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