ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ...
उत्तरप्रदेश

‘एक ही चिता पर करना अंतिम संस्कार…’ दो भाइयों ने किया सुसाइड, रेलवे ट्रैक पर मिले शव

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में आर्थिक तंगी से परेशान होकर दो सगे भाइयों ने ट्रेन से कटकर जान दे दी. दोनों भाइयों के शव रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले. शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. शवों के पास पुलिस को एक झोला बरामद हुआ. उसमें रखी डायरी में मिले मोबाइल नंबर से मृतकों की शिनाख्त हुई.

पुलिस ने दोनों भाइयों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. हत्या या हादसा इसको लेकर पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है. ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों भाइयों ने सुसाइड किया है. दोनों मृतक भाई बुजुर्ग थे और एक दूसरे का सहारा थे. 15 दिन पहले वह अपने गांव लौटे थे.

एक साल बेच दिया था घर

जिले के गुरसहायगंज कोतवाली के जसोदा कस्बा के ईंट भट्ठा के सामने रेलवे ट्रैक पर दोनों बुजुर्ग भाइयों के शव मिले. मृतकों की पहचान तालग्राम कस्बे के मौहल्ला गड़ी पोखर निवासी 75 साल के सियाराम वाल्मीकि और उनके छोटे भाई 70 वर्षीय श्री कृष्ण वाल्मीकि के रूप में हुई. दोनों अविवाहित थे और एक साथ रहते थे. आर्थिक तंगी के चलते एक साल पहले उन्होंने अपना मकान बेच दिया था. उन्हें आसपास के लोग खाने को दे दिया करते थे.

एक ही चिता पर किया अंतिम संस्कार

पुलिस के मुताबिक, रेलवे ट्रैक पर दो शव मिले थे. मृतक सगे भाई थे. उनके पास से एक झोला बरामद हुआ जिसमें रखी डायरी में लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने से मृतकों की पहचान हुई. मृतक आर्थिक रूप से कमजोर थे. दोनों के पास अपना कोई घर नहीं था. तीन दिन पहले वह गांव से हरदोई जाने की बात कहकर गए थे. ग्रामीणों मके मुताबिक, दोनों भाई झाड़फूंक करने का काम करते थे. 15 दिन पहले वह गांव वालों से कर गए थे कि उन दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार करना. मृतकों के पड़ोसियों ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया.

Related Articles

Back to top button