ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव से आदिवासी परिवार की गुहार, हमें जबलपुर पुलिस से बचा लीजिए..

जबलपुर। आए दिन पुलिस की धमकी और भय से भयभीत होकर चरगवां निवासी आदिवासी परिवार ने एसपी के समक्ष शिकायत करते हुए चरगवां पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से सुरक्षा की गुहार लगाई है। साथ ही सुरक्षा के लिए डीजीपी मध्य प्रदेश, मानव अधिकार आयोग और महिला आयोग को भी अपनी शिकायत डाक से भेजी है। सुशीला बाई निवासी ग्राम डबोला चरगवां ने एसपी जबलपुर को दी शिकायत में आरोप लगाया की हम  पुलिस की प्रताड़ना से तंग आ चुके हैं। हम संयुक्त परिवार में निवास करते हैं और खेती किसानी का काम करते हुए अपना जीवन यापन कर रहे हैं। हम लोग आदिवासी परिवार से हैं जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार संरक्षण देती है। गांव में रहने के चलते कभी-कभी विवाद भी हो जाता है, लेकिन पुलिस विवाद को कानून के हिसाब से न लेते हुए हमारे पूरे परिवार को प्रताड़ित कर रही है। हमारे पुत्र डालचंद परस्ते के खिलाफ लगातार पुलिस साजिश रच रही है। और उसे साजिश के तहत एनएसए लगा के जेल में भी भेजना चाहती है।

PunjabKesari

थाना प्रभारी पर मारपीट का भी आरोप 

सुशीला बाई ने बताया की हमारे पुत्र के खिलाफ कई प्रकार के झूठे प्रकरण इसके पहले भी राजनीतिक रंजिश के चलते गांव वालों ने लगा दिए थे ।जिसमे हमारा पुत्र कोर्ट से बरी भी हो चुका है। लेकिन थाना चरगवां के थाना प्रभारी अभिषेक प्यासी और मनोज बसेड़िया जो कि एएसआई हैं लगातार हमारे घर में आते हैं और गाली गलौज भी करते हैं।  हमारा पुत्र जब जेल में एक केस में विरुद्ध था उसी दौरान 25 जून मुझे थाने बुलाकर बैठा लिया गया और वहां पर महिला पुलिस कर्मी ने मेरे साथ मारपीट भी की। मारपीट का आदेश थाना प्रभारी द्वारा दिया गया था। जिसकी शिकायत लेकर में एसपी ऑफिस भी आई थी। लेकिन मुझे यहां से किसी सिपाही ने भगा दिया था  कि तुम पुलिस के खिलाफ कैसे बोल सकती हो। मेरे घर में भी आकर मेरी बहू के साथ गाली गलौज की जाती है और मेरे पुत्र को कभी भी उठाकर थाने में बैठा दिया जाता है। महोदय यह सब कुछ राजनीतिक रूप से किया जा रहा है कुछ ऐसे पुराने राजनेता हैं जो मुझसे जलन करते हैं लिहाजा वह मेरे ऊपर साजिश रच के ऐसा कर करते रहते हैं।

सीएम से लेकर मानव अधिकार आयोग को भी भेजी शिकायत

पीड़ित परिवार ने बताया कि जब थाना प्रभारी का आतंक बढ़ गया तो हम एसपी ऑफिस आए और अब इसके साथ ही हमने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ,राज्य मानव अधिकार आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग मुख्यमंत्री जी के साथ-साथ डीजीपी मध्य प्रदेश को भी हमने शिकायत भेजी है, हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा और पुलिस प्रताड़ना खत्म होगी।

हर दिन पुलिस देती है घर में दस्तक

शिकायतकर्ता सुशीला बाई ने बताया कि कानून के हिसाब से हमारे पुत्र के ऊपर जो भी केस चल रहे हैं ,जो भी कार्यवाही हो रही है उसमें निष्पक्षता से कार्रवाई की जाए, और जिस तरह से पुलिस हमारे घर आती है  जातिगत रूप से गाली देती है। मेरे पुत्र, मेरी बहू के साथ मारपीट करती है उससे हमारा जीवन जीना मुश्किल हो चुका है। महोदय हम चाहते हैं कि हमें पुलिस बेवजह परेशान ना करें। साथ ही थाना प्रभारी चरगवां और एएसआई के विरुद्ध भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और हमारे खिलाफ जिस तरह से थाना प्रभारी मिलकर झूठी  कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं उससे भी हमें बचाया जाए।

रेप का भी झूठा मामला दर्ज कराया 

सुशीला बाई ने बताया कि उनके पुत्र के ऊपर रेप का झूठा प्रकरण भी पुलिस ने दर्ज कर दिया है, और उसकी पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए भी राजनीतिक रूप से खेल खेला जा रहा है। चारों तरफ से उनके लिए चक्रव्यूह बनाया जा रहा है।और आदिवासी परिवार हैरान परेशान है।

Related Articles

Back to top button