ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
मध्यप्रदेश

प्रदेश का तीसरा ध्वनि मापन रियल टाइम मानिटरिंग सिस्टम लगाने वाला शहर बना जबलपुर

जबलपुर। जबलपुर के चार स्थानों पर यह केंद्र स्थापित किए गए हैं जो अलग-अलग क्षेत्र की ध्वनि मापन का रियल टाइम डाटा एकत्र कर स्थानीय विजय नगर स्थित मुख्य केंद्र को भेजेंगे। एक करोड़ की लागत से केंद्र की स्थापना में आस्ट्रेलिया और नीदरलैंड की टीम की सहायता ली गई है। यही टीम 28 अगस्त को शहर के मुख्य केंद्र में डेमो देगी और इसका बाेर्ड अधिकारियों और विज्ञानियों की मौजूदगी में औपचारिक शुभारंभ होगा।

पहले ऐसे होता था ध्वनि का मापन

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय अब तक अपने विज्ञानी टीम की मदद से ध्वनि प्रदूषण से संबंधित डाटा एकत्र करता था। इसके लिए विभाग के पास तीन-चार ध्वनि मापन मीटर थे। विभाग टीम शहर के अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न दिनों में जाकर मीटर की सहायता से ध्वनि की रीडिंग ले लेता था और इसके बाद मुख्य केंद्र में डाटा संग्रह के बाद एक समग्र रिपाेर्ट तैयार होती थी। लेकिन अब रियल टाइम मानिटरिंग सिस्टम की स्थापना से शहर के सभी क्षेत्रों से एक ही समय में डाटा मिलना आसान हो जाएगा।

शहर में इन चार स्थानों पर स्थापित केंद्र

  • नगर निगम मुख्यालय कमर्शियल इलाका का डाटा संग्रह करेगा।
  • नगर निगम मुख्यालय ही रियल टाइम मुख्य केंद्र को भेजेगा।
  • सुदूर इंडस्ट्रियल एरिया रिछाई डाटा संग्रह की जिम्मेदारी निभाएगा।
  • साइंस कालेज : यह केंद्र संवेदनशील एरिया को कवर करेगा।
  • विजय नगर : यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मुख्य केंद्र होगा।
  • विजय नगर ही रिहायशी इलाके का डाटा कलेक्शन करेगा।

Related Articles

Back to top button