ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...
देश

उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र में पेश होने का निर्देश, तलाक की दायर की थी याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र में मध्यस्थता के लिए पेश होने का निर्देश दिया. उमर अब्दुल्लाने याचिका दायर कर दलील दी थी कि वह और उनकी पत्नी पिछले 15 साल से अलग-अलग रह रहे हैं और उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है. साल1994 मेंउमरअब्दुल्लाएवंपायलअब्दुल्लादोनोंकी शादी हुई थी.वेसाल2009 सेएकसाथ नहीं रह रहे हैं. उनके दो बेटे हैं.

उमर अब्दुल्ला ने क्रूरता के आधार पर फैमिली हाई कोर्ट में सबसे पहले मामला दायर किया था. हालांकि, 30 अगस्त, 2016 को फैमिली कोर्ट ने तलाक की उनकी याचिका खारिज कर दी क्योंकि वह यह साबित नहीं कर सके कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है.

उमर अब्दुल्ला ने फैलली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन दिसंबर2023 में जस्टिस विकास महाजन और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट के आदेश भी बरकरार रखा.

मध्यस्थता केंद्र में हाजिर होने का निर्देश

जस्टिस सुधांशु धूलिया एवं अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ यह निर्देश दिया कि दोनों पक्षकार आपस में समझौता कराने के लिए मध्यस्थता के लिए सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता सेंटर में उपस्थित हो सकते हैं.

शुरुआत में उमर अब्दुल्ला के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि दोनों पक्षकार 15 साल से एक-दूसरे के साथ नहीं रह रहे हैं. वे अलग-अलग रह रहे हैं.

कोर्ट ने मांगा था जवाब

पिछलीबार, कोर्टने उमर अब्दुल्ला की याचिका पर नोटिस जारी कर पायल अब्दुल्ला से जवाब मांगा था. पायलअब्दुल्ला की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कोर्ट में कहा था कि मध्यस्थता कम से कम एक बार तो आजमाई जानी चाहिए.

इस पर उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि वे मध्यस्थता के लिए जा सकते हैं, लेकिन यह सुलह के लिए है. समाधान के लिए नहीं, लेकिन अंततः वह मध्यस्थता के लिए राजी हो

गये.उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद यह आवश्यक नहीं है कि विवाह के टूटने की स्थिति को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए, लेकिन फिर भी वे मध्यस्थता के लिए राजी हो गए.

Related Articles

Back to top button