ब्रेकिंग
Supreme Court Verdict: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुर... Gwalior Crime News: सौतेला पिता ही निकला 13 वर्षीय छात्रा का हत्यारा; शव को नदी में मगरमच्छों के बीच... MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा तोहफा; 21 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति, स्वामित्व ... CBSE Class 12th Results: ऑन-स्क्रीन मार्किंग में धांधली का आरोप; NSUI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की... Ahmedabad Sports Club Bomb Threat: अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब में ब्लास्ट की धमकी; लश्कर और दाऊद इब्राह... Yogi Adityanath in Kushinagar: कुशीनगर को बड़ी सौगात; फाजिलनगर अब कहलाएगा 'पावागढ़', सीएम योगी ने किय... DK Shivakumar CM News: कर्नाटक के नए मुखिया डी.के. शिवकुमार; शिक्षिका ने याद किए स्कूली दिन, कहा- 'न... ED Raids on Drugs Network: दाऊद इब्राहिम के करीबी सलिम डोला पर ईडी का शिकंजा; मुंबई से राजकोट तक 20 ... Bihar Politics: बंगले पर घमासान! राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के आदेश पर भड़की RJD, सम्राट चौधरी का... Mathura Crime News: फर्जी साधु का पर्दाफाश; हाई-पैकेज वाली युवतियों को फंसाकर करता था दुष्कर्म और ब्...
मध्यप्रदेश

जंगल के अंदर के रास्तों पर 20 किमी प्रतिघंटा से तेज वाहन दौड़ाया तो होंगे जब्त

 उमरिया। जंगल के अंदर से गुजरने वाले वाहनों के रास्ते में कभी भी जंगली जानवर आ सकते हैं जिससे वाहन की टक्कर लगने से उनकी जान जा सकती है। एेसी स्थिति में वाहन वन विभाग द्वारा जब्त कर लिए जाते हैं और वन अधिनियम और वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जाती है।

इन सड़कों पर खतरा

उमरिया से होकर गुजरने वाला शहपुरा-सतना स्टेट हाईवे का लगभग 40 किलोमीटर लंबा हिस्सा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी, ताला, खितौली, पतौर, पनपथा रेंज के जंगल को प्रभावित करता है। मानपुर से शहडोल तक जाने वाली प्रमुख सड़क का लगभग 15 किलोमीटर लंबा हिस्सा बांधवगढ़ के जंगल को प्रभावित करता है।

बांधवगढ़ के कल्लवाह रेंज को प्रभावित करती

चौरी से रायपुर बन्नौदा होते हुए बिरसिंहपुर पाली तक पहुंचने वाली लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क बांधवगढ़ के कल्लवाह रेंज को प्रभावित करती है। एनएच 43 कटनी-चांडिल की लंबाई उमरिया में लगभग सौ किलोमीटर है जिसमें से सामान्य वन मंडल के चंदिया, उमरिया, नौरोजाबाद, पाली, घुनघुटी के लगभग 60 किलोमीटर जंगल को यह हाईवे प्रभावित करता है।

इसलिए है जरूरी

दरअसल, जंगल के अंदर तेज गति से वाहन चलाने की वजह से जंगली जानवरों को क्षति पहुंचती है। खास तौर से छोटे जानवर बंदर और हिरण भी कई बार वाहन की चपेट में आ जाते हैं। यही कारण है कि वाहनों की गति पर गंभीरता से ध्यान देने का निर्णय लिया गया है। यह निमय प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में लागू होता है अौर इस नियम का पालन सभी जगह करवाया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button