ब्रेकिंग
वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ... Amritsar Encounter News: थाना झंडेर के पास पुलिस मुठभेड़ में गैंगस्टर करनबीर नंदी ढेर, 2 पुलिसकर्मी ... चंडीगढ़ हेड कांस्टेबल हत्याकांड में बड़ा खुलासा: इकलौते बेटे ने ही कबूला पिता की हत्या का जुर्म Festival Special Train: त्योहारों पर रेलवे का बड़ा तोहफा, जालंधर सिटी से बढ़नी के बीच चलेगी अनारक्षि... भाजपा छोड़ने की अटकलों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह का विराम: 'पार्टी को सच बताना मेरा फर्ज'
देश

चीन से बराबरी, सहयोग और मुकाबला भी करना है… पूर्वी लद्दाख में गतिरोध पर बोले सेना प्रमुख

पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच जारी सैन्य गतिरोध पर थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एलएसी पर स्थिति स्थिर है लेकिन संवेदनशील है. दोनों पक्षों के बीच विवाद के समाधान पर कूटनीतिक वार्ता हुई है. इससे सकारात्मक संकेत मिले हैं. जहां तक चीन का संबंध है, मेरा ये मानना है कि आपको उससे प्रतिस्पर्धा करनी होगी. आपको सहयोग करना होगा. आपको एक साथ रहना होगा और आपको मुकाबला भी करना होगा.

‘चाणक्य रक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कई मुद्दों पर बात की. इसमें उन्होंने भारत-चीन सैन्य गतिरोध पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कूटनीतिक बातचीत से सकारात्मक संकेत मिले हैं. हमें यह समझना होगा कि इस तरह की बातचीत से विकल्प और संभावनाएं सामने आती हैं. मगर, जब जमीनी स्तर पर इन्हें लागू करने की बात आती है तो इसका फैसला दोनों पक्षों के सैन्य कमांडरों पर डिपेंड करता है.

जब तक स्थिति बहाल नहीं होती, हालात संवेदनशील रहेंगे

सेना प्रमुख ने कहा, स्थिति सामान्य नहीं है. हम चाहते हैं कि अप्रैल 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल हो. जब तक स्थिति बहाल नहीं होती, हालात संवेदनशील रहेंगे. हम किसी भी आकस्मिक स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. बता दें कि दोनों देशों की सेनाएं मई 2020 की शुरुआत में आमने-सामने आ गई थीं. इसके बाद दोनों पक्षों ने गतिरोध वाले प्वाइंट्स से कई सैनिकों को हटाया. इसके बावजूद अभी तक विवाद का पूरी तरह से समाधान नहीं निकला है.

भारत के पास भी सीमावर्ती क्षेत्रों में मॉडल गांव हैं

भारत की अग्रिम सीमाओं पर चीन गांव बसा रहा… इस सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि इससे कोई दिक्कत नहीं है. वो उनका देश है. भारत के पास भी सीमावर्ती क्षेत्रों में मॉडल गांव हैं. अब जो मॉडल गांव बनाए जा रहे हैं, वो और भी बेहतर होंगे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि अब राज्य सरकारों को भी उन संसाधनों के इस्तेमाल का अधिकार दे दिया गया है. यही वह समय है जब सेना, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार का निगरानी तंत्र एक साथ आ रहा है.

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई थी हिंसक झड़प

जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया. भारत लगातार कहता रहा है कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति नहीं होगी, चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते. इसका समाधान निकालने के लिए दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की बातचीत हो चुकी है. भारत पीएलए पर देपसांग और देमचोक इलाकों से सैनिकों को हटाने का दबाव बना रहा है.

पिछले महीने एनएसए अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात हुई थी. ये मीटिंग रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुई थी. ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई बैठक में दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले स्थानों से सैनिकों को हटाने के लिए काम करने पर सहमति व्यक्त की थी. बैठक में डोभाल ने कहा था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और एलएसी का सम्मान दोनों देशों के संबंधों में सामान्य स्थिति बनाने के लिए जरूरी है.

Related Articles

Back to top button