ब्रेकिंग
गणेशोत्सव में DJ और लाउडस्पीकर पर छिड़ा सियासी घमासान, AIMIM और शिंदे गुट आमने-सामने मथुरा का रहस्यमयी कोयले घाट, जहां वासुदेव ने कान्हा को टोकरी में रखकर पार की थी यमुना अरनिया में मिले 2 पाकिस्तानी कबूतर, पंजों में बंधी रिंग पर लिखे मिले पाक मोबाइल नंबर; सुरक्षा एजेंसि... पटना के गांधी घाट पर रिकॉर्ड स्तर छू सकती है गंगा, 8 जिलों में अलर्ट जारी; हेल्पलाइन 1070 सक्रिय अल्मोड़ा के सल्ट में 8 महीने बाद दहशत का अंत: 4 लोगों का शिकार करने वाला बाघ ट्रेंकुलाइज नशेड़ी बेटे ने मां और सास पर किया जानलेवा हमला, बच्ची को कमरे में किया बंद; पुलिस ने किया गिरफ्तार नीले ड्रम कांड की आरोपी मुस्कान की बेटी जेल में मनाएगी जन्माष्टमी, सांस्कृतिक कार्यक्रम में बनेगी रा... प्रयागराज कोर्ट में पेश नहीं हुए सांसद पप्पू यादव: अदालत ने दिया हाजिर होने का अंतिम अवसर ब्रिक्स समिट के चलते 11 सितंबर को दिल्ली में अवकाश: उपराज्यपाल ने जारी किया नोटिफिकेशन कनॉट प्लेस इनर सर्किल फिर होगा वाहनमुक्त? NDMC ने जनता से मांगे सुझाव, जानिए प्लान
विदेश

बम-गोली से नहीं, दम घोटकर हिजबुल्लाह नेताओं को मार रहा है इजराइल

पिछले एक साल से गाजा-पट्टी में हमास आतंकियों से लड़ रहे इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह नेताओं को मारने के लिए एक नई तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. दोनों जगहों पर आईडीएफ से बचने के लिए बनाई गई सुरंगों में आतंकी खुद को सुरक्षित मानते थे, लेकिन अब इजराइल ने उसका भी तोड़ ढूंढ लिया है. पहले हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह और अब उसके उत्तराधिकारी हाशिम सफीउद्दीन को कुछ इसी तरीके से इजराइल ने मौत के घाट उतारा है.

इजराइल ने 27 सितंबर को हिजबुल्लाह महासचिव हसन नसरल्लाह की हत्या की थी, इसके बाद इस महीने की 10 तारीख को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में अल-मारिजा क्षेत्र में एक हवाई हमला करते हुए हिजबुल्लाह की परिषद के प्रमुख हाशिम सफीउद्दीन (जो हसन नसरल्लाह की जगह लेने वाले थे) को मौत के घाट उतार दिया. हालांकि तेल अवीव ने दो दिन पहले ही उनकी मौत की घोषणा की थी, लेकिन हिजबुल्लाह ने बुधवार को इस खबर की आधिकारिक पुष्टि की.

इजराइल ने अपनाई नई तकनीक

सूत्रों ने हाशिम सफीउद्दीन की मौत को लेकर नई जानकारी दी है, जिसमें बताया गया है कि सफीउद्दीन इजराइल के सीधे हवाई हमलों में नहीं मरा, वह अल-माजिरा में एक इमारत के नीचे बनी टनल में मौजूद था, जिसपर आईडीएफ ने बमबारी की. वहां पर उसके साथ 7 प्रशिक्षित सशस्त्र लोग भी थे. सूत्रों ने बताया कि इस हमले के बाद वह तीन दिन तक जिंदा रहे, लेकिन इसके बाद दम घुटने से उनके और हिजबुल्लाह के सात प्रशिक्षित सशस्त्र सदस्यों की मौत हो गई.

इजराइल ने 27 सितंबर को हिजबुल्लाह महासचिव हसन नसरल्लाह की हत्या की थी, इसके बाद इस महीने की 10 तारीख को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में अल-मारिजा क्षेत्र में एक हवाई हमला करते हुए हिजबुल्लाह की परिषद के प्रमुख हाशिम सफीउद्दीन (जो हसन नसरल्लाह की जगह लेने वाले थे) को मौत के घाट उतार दिया. हालांकि तेल अवीव ने दो दिन पहले ही उनकी मौत की घोषणा की थी, लेकिन हिजबुल्लाह ने बुधवार को इस खबर की आधिकारिक पुष्टि की.

इजराइल ने अपनाई नई तकनीक

सूत्रों ने हाशिम सफीउद्दीन की मौत को लेकर नई जानकारी दी है, जिसमें बताया गया है कि सफीउद्दीन इजराइल के सीधे हवाई हमलों में नहीं मरा, वह अल-माजिरा में एक इमारत के नीचे बनी टनल में मौजूद था, जिसपर आईडीएफ ने बमबारी की. वहां पर उसके साथ 7 प्रशिक्षित सशस्त्र लोग भी थे. सूत्रों ने बताया कि इस हमले के बाद वह तीन दिन तक जिंदा रहे, लेकिन इसके बाद दम घुटने से उनके और हिजबुल्लाह के सात प्रशिक्षित सशस्त्र सदस्यों की मौत हो गई.

Related Articles

Back to top button