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कुर्ता पायजामा पहन पिस्टल खरीदने पहुंचे DSP साहब, जिससे की डील फिर उसी को क्यों कर लिया अरेस्ट

आपने फिल्मों में और नाटकों में देखा होगा कि पुलिस अपना भेष बदलकर अपराधियों को गिरफ्तार करती है लेकिन झारखंड पुलिस ने हकीकत में ऐसा किया, जहां पहले पुलिस ने अपराधी के साथ डील फिक्स की और कुर्ता-पजामा और टोपी लगाकर उससे पिस्टल लेने पहुंचे, फिर जैसे ही उसने डीएसपी को जेब से पिस्टल निकालकर दिखाई. उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया.

दरअसल यह मामला रांची के हिंदपीढ़ी का है, जहां DSP प्रकाश सोय को जानकारी मिली कि मस्जिद रोड का रहने वाला मो. राजन हथियारों की तस्करी करने का काम करता है. ऐसे में डीएसपी साहब ने उसे रंगे हाथों पकड़ने के लिए जासूसी तरीके से उसके साथ दो पिस्टल खरीदने का सौदा किया. डीएसपी प्रकाश सोय ने मो. राजन को अपने आप को सुखदेव नगर इलाके का आदमी बताया.

DSP ने ऐसे किया गिरफ्तार

इसके साथ डील के मुताबिक डीएसपी प्रकाश सोय उससे पिस्टल लेने के लिए उसके अखाड़ा चौक वाले ठिकाने पर पहुंचे. इस दौरान DSP सफेद कुर्ता-पजामा और टोपी पहनकर गए और इलाके की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया. DSP हथियार सप्लायर से मिले और जैसे ही उसने कमर से DSP को दिखाने के लिए पिस्टल निकाली. उन्होंने मो राजन को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसकी कोशिश को नाकाम कर दिया.

ठिकाने से 20 गोलियां बरामद

इस तरह पुलिस ने मो. राजन का पर्दाफाश किया. पुलिस ने राजन के ठिकाने से 20 गोलियां बरामद कीं. DSP ने राजन के साथ दो पिस्टल का सौदा किया था, जिसमें एक पिस्टल की कीमत 45 हजार थी यानी दो पिस्टल के लिए 90 हजार की डील हुई थी. पिस्टल के साथ राजन गोलियों की भी तस्करी करता था, जिसके लिए 10 हजार रुपये लेता था. इसके अलावा राजन से जब पूछताछ की गई तो सामने आया कि उसका ये गिरोह बिहार के मुंगेर से चल रहा है. वहीं से हथियार लाए जाते थे. अब पुलिस गिरोह के बाकी मेंबर की गिरफ्तारी में जुटी है.

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