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महाराष्ट्र

समस्या समाधान के लिए लोग आते हैं, पर वोट देने समय भूल जाते हैं… राज ठाकरे का छलका दर्द

महाराष्ट्र विधानसभा में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को करारी पराजय का सामना करना पड़ा. बुधवार को सोशल साइट एक्स पर नए साल की शुभकामना संदेश में राज ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में पराजय का जिक्र किया और कहा कि जब कोई समस्या होती है, तो लोग समाधान के लिए उनकी पार्टी के पास आते हैं, लेकिन जब वोट देने का समय आता है, तो उनकी पार्टी को भूल जाते हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनाव परिणाम भूलकर फिर से सक्रिय होने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लगभग हर क्षेत्र में इतने व्यापक परिवर्तन हुए हैं कि आज से 25 वर्ष पहले भी जीवन एक अलग युग जैसा प्रतीत होता होगा. उन्होंने कहा कि इस 25 साल की अवधि के दौरान, हमारी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, जिससे इसकी स्थापना हुई थी, स्थापित हो गई, पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे और इन सबने हमें बहुत कुछ सिखाया.

 

राज ठाकरे ने कहा कि हालाकि इन 25 वर्षों में बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन कई चीजें वैसी ही हैं, मराठी लोग मुंबई जैसे महानगर में असुरक्षित महसूस करते हैं जो महाराष्ट्र की राजधानी है. किसानों पर हमले, महंगाई आदि हर दूसरे मुद्दे के समय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को याद करते हैं, लेकिन वास्तविक मतदान के समय पार्टी को भूल जाते हैं.

जो हुआ है, उसे भूल जाएं… राज ठाकरे की अपील

उन्होंने कहा कि अब हमें इसे स्वीकार करते हुए कुछ बदलावों के साथ आगे बढ़ना चाहिए. 23 नवंबर 2024 को विधानसभा नतीजों के बाद मैंने कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया, लेकिन जानबूझकर राजनीतिक टिप्पणी से परहेज किया.

राज ठाकरे ने कहा कि वास्तव में क्या हुआ था. जल्द ही वह इस बारे में विस्तार से बात करेंगे, लेकिन मेरी महाराष्ट्र के सैनिकों से अपील करते हैं कि जो हुआ है, उसे भूल जाएं.

उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों के कुछ हफ्ते बाद ही मराठी लोगों पर हमले शुरू हो गए हैं और उस समय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की वापसी की उम्मीद थी, जो उसने की. इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया कि मराठी मानुष का उपयोग केवल वोट देने के लिए किया जाता है. महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. राज्य में दो समुदाय हैं, जिनमें से दोनों ही मराठी भाषी हैं, लेकिन उनके बीच विवाद है और लोग महंगाई से तंग आ चुके हैं.

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के सैनिकों को अपना पछतावा एक तरफ रख देना चाहिए. हम चुनाव को ध्यान में रखकर कुछ नहीं करते, इसलिए इन सबमें अब कार्रवाई करना हमारी जिम्मेदारी है.

नगरपालिका चुनाव से पहले एक्टिव हुए राज ठाकरे

उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि मराठी पर हमला हुआ तो मराठी के रूप में वापस आएंगे और हिंदू पर हमला हुआ तो हिंदू के रूप में वापस आएंगे. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के लिए पार्टी कार्यालय में संपर्क प्रकोष्ठ शुरू करें. यदि महिलाओं की शिकायतें दर्ज नहीं की जाती हैं तो कार्रवाई करें और अगर कुछ न हो उन्हें अच्छी तरह कुचल डालो.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि महंगाई से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए यह देखें कि कोई जमाखोरी न हो, संबंधित विभागों को सूचित करें और किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करने का प्रयास करें.

राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अपनी शाखाओं, कार्यालयों को एक बार फिर जनता के लिए खोलें. यह सब करते समय हम अपने काम को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन यह देखें कि कहीं आप सोशल मीडिया का उपयोग या उसके अधीन तो नहीं हो रहे हैं.

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