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शंभू बॉर्डर पर एक और किसान ने खाया जहर, अस्पताल में तोड़ा दम

शंभू बॉर्डर पर एक और किसान ने जहर खा लिया. जहर खाने से उसकी मौत हो गई. इससे पहले भी एक किसान की इसी तरह जहर खाने से मौत हो गई थी. शंभू बॉर्डर पर जहर खाने से मरने वालों किसानों की संख्या दो हो गई है. मरने वाले किसान का नाम रेशम सिंह है. रेशम ने शंभू मोर्चा में सल्फास खा लिया. इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में राजपुरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. मगर वहां उन्होंने दम तोड़ दिया. रेशम सिंह जगतार सिंह के बेटे हैं. वह तरतारन जिले के पाहू विंड के रहने वाले थे.

किसान नेता तेजबीर सिंह ने कहा कि रेशम सिंह शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 11 महीने से आंदोलन के बावजूद सरकार की तरफ से इसका समाधान न निकालने से नाराज था. आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि आज जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का 45वां दिन है. अगर डल्लेवाल जी को कुछ हुआ,तो सरकार से हालात संभले नहीं संभलेंगे. मोदी सरकार किसानों से बातचीत करने को तैयार नहीं है. 328 दिनों से किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर खुले आसमान के नीचे MSP गारंटी कानून की मांग को लेकर बैठे हैं. अब तक 35 किसान दम तोड़ चुके हैं.

किसानों की क्या हैं मांगें

  • MSP पर खरीद की गारंटी का कानून.
  • स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से कीमत.
  • भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू हो.
  • आंदोलन में लगे मुकदमे वापस लिए जाएं.
  • किसानों का कर्जा माफ हो, पेंशन दी जाए.
  • फसल बीमा योजना का प्रीमियम सरकार दे.
  • मारे गए किसानों के परिजनों को नौकरी.
  • लखीमपुर कांड के दोषियों को सजा मिले.
  • मनरेगा में 200 दिन काम, 700 रु. मजदूरी.
  • नकली बीज-खाद पर सख्त कानून.
  • मसालों की खरीद पर आयोग का गठन.
  • भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार.
  • मुक्त व्यापार समझौते पर रोक लगाई जाए.

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