ब्रेकिंग
Bengaluru Quarry Accident: बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों ... Indore School News: स्कूल की जमीन पर बना मंदिर, 150 बच्चों का भविष्य एक कमरे के भरोसे; पढ़ें पूरी रिप... Ujjain Shipra Aarti: उज्जैन रामघाट पर प्रशासन की कार्रवाई, आरती स्थल से लाउडस्पीकर जब्त होने पर तीर्... MP Monsoon Alert: मध्य प्रदेश में मानसून का यू-टर्न, 48 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट ... Jabalpur Politics: कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद जबलपुर में 'बगावत' के सुर, विवेक तन्खा ने उठाए वि... Sagar Water Supply News: सागर-मकरोनिया में टाटा प्रोजेक्ट्स की विदाई, अब नगर निगम खुद संभालेगा पानी ... Shahdol Anganwadi Recruitment 2026: शहडोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर बंपर भर्ती, 13... Balaghat Fire News: राघोटोला पंप हाउस में लगी भीषण आग, 150 करोड़ की सिंचाई परियोजना को करोड़ों का नुकस... Chhatarpur News: CM मोहन यादव के विकास कार्यों की शिलापट्टिकाएं कबाड़ में मिलीं, प्रशासनिक अमले में ह... Gwalior Looteri Dulhan: शादी के 21 दिन बाद गहने लेकर भागी पत्नी, इंस्टाग्राम पर पति को दे रही 'डेथ व...
मध्यप्रदेश

बिना शारीरिक संबंध बनाए पत्नी का दूसरे पुरुष से प्रेम करना Adultery नहीं- MP हाईकोर्ट

जबलपुर : एमपी हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा पत्नी को 4000 रुपए गुजारा भत्ता देने के आदेश को बरकरार रखते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ‘’पत्नी का शारीरिक संबंधों के बिना दूसरे पुरुष से प्रेम करना व्यभिचार (Adultery) नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी साथ हो या न हो, विवाहित हो तो गुजारा भत्ता देना होगा।”  कोर्ट ने यह टिप्पणी एक याचिका को लेकर की है जिसमें पति ने अपनी कम सैलरी का हवाला देते हुए गुजारा भत्ता न दे पाने की याचिका लगाई थी। पति ने पत्नी पर किसी दूसरे पुरुष से बात करने और संबंध होने के आरोप भी लगाए थे।

दरअसल, छिंदवाड़ा से एक पति पत्नी ने आपसी विवाद के बाद कोर्ट की शरण ली थी। पति के खिलाफ दो जिला न्यायालय ने मेंटेनेंस का ऑर्डर दिया था। इटारसी कोर्ट के ऑर्डर के तहत पति अपनी पत्नी को 4 हजार रुपए प्रति माह गुजारा भत्ता दे रहा था। इसी ऑर्डर को रिपिट करते हुए छिंदवाड़ा कोर्ट ने भी गुजारा भत्ता देने की बात कही। इसके बाद पति ने एमपी हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

याचिका में पति ने दलील दी कि शादी के बाद से उसकी पत्नी उसके साथ नहीं रहती और ससुराल छोड़कर माइके रहती है। साथ ही आरोप लगाया कि उसकी पत्नी दूसरे पुरुष से बात करती है और उनके संबंध हैं। तीसरी दलील दी कि वह प्राइवेट काम करता है और उसकी सैलरी कम है वहीं उसके परिजन भी उसे संपति से बेदखल कर चुके हैं। लेकिन कोर्ट ने किसी भी तरह की दलील मानने से इंकार कर दिया।

याचिकाकर्ता के वकील विट्ठल राव जुमड़े ने बताया कि याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि “महिला का किसी अन्य पुरुष के प्रति प्रेम और स्नेह व्यभिचार नहीं माना जाएगा जब तक कि वह उस व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध में न हो। हाईकोर्ट ने पति की अल्प आय की दलील को भी खारिज कर दिया।”

कोर्ट ने माना कि पत्नी साथ हो या न हो, विवाहिता हो तो गुजारा भत्ता देना होगा। कोर्ट ने कहा कि पति की अल्प आय की दलील गुजारा भत्ता देने से इनकार करने का मापदण्ड नहीं है और निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी को गुजारा भत्ता देना ही होगा।

Related Articles

Back to top button