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धार्मिक

आमलकी एकादशी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, विष्णु भगवान का मिलेगा आशीर्वाद!

हिन्दू धर्म में आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को बड़े ही उत्साह से मनाई जाती है. यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. यह व्रत पितृ दोष निवारण के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है. आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है, इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. आमलकी एकादशी का व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन दान-पुण्य करने से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है.

पंचांग के अनुसार, आमलकी एकादशी यानी फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 मार्च को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार इस बार आमलकी एकादशी का व्रत 10 मार्च को रखा जाएगा.

आमलकी एकादशी पूजा विधि

  • आमलकी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
  • घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
  • आंवले के पेड़ की पूजा करें और उसे जल, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें.
  • भगवान विष्णु की आरती करें और उनसे अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें.
  • दिन भर उपवास रखें और शाम को भगवान विष्णु को भोग लगाकर व्रत खोलें.
  • गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें.

इन मंत्रों का करें जाप

विष्णु गायत्री मंत्र

“ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।” इस मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

विष्णु मंत्र

“ॐ विष्णवे नमः।” इस मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की शक्ति प्राप्त होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं.

विष्णु बीज मंत्र

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।” इस मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सफलता मिलती है.

विष्णु रक्षा मंत्र

“शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।” इस मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की सुरक्षा प्राप्त होती है और सभी भय दूर होते हैं.

आमलकी एकादशी के दिन इन मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और लोगों के जीवन से सभी कष्ट दूर होते हैं. साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

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