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हम उद्धव ठाकरे के शुक्रगुजार हैं… संसद में वक्फ बिल का विरोध करने पर बोले AIUMB के महासचिव

ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के महासचिव बोनाई हसनी ने शनिवार को वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के लिए शिवसेना (यूबीटी) को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे के शुक्रगुजार हैं. साथ ही उन तमाम सांसदों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने संसद में इस बिल का विरोध किया है. हसनी का कहना है कि संसद द्वारा पारित बिल में बहुत खराबी है. आगे जाकर ऐसा सिख और ईसाइयों के साथ भी हो सकता है.

बोनाई हसनी ने इस दौरान कहा कि वक्फ को लेकर हिंदुस्तानी मुसलमान ही नहीं बल्कि ऐसे मुसलमान जिन्हें काला कानून और किसी जंगल के कानून से भी खतरा है, ये कानून उनके लिए भी खतरनाक है. सबसे खराब बात यह है कि वक्फ की प्रॉपर्टी पर यदि कोई सरकारी अधिकारी दावा करें कि यह जमीन सरकार की है, तो वक्फ और उस सरकारी अधिकारी के बीच का मामला एक दूसरा सरकारी अधिकारी ही सुलझाएगा. इसे हम किसी भी दूसरे कोर्ट में चैलेंज नहीं कर सकते हैं.

‘सारे काले कानून रात में ही पास किए जाते हैं’

ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के महासचिव ने कहा कि उन्होंने ऐसा कानून आज तक नहीं देखा है. ऐसे तो कोई भी मस्जिद, कब्रिस्तान, ईदगाह पर जाकर कहेगा कि यह सरकारी जमीन है. ऐसे तो वक्फ की सारी प्रॉपर्टी हड़प ली जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसा इस देश में सिर्फ मुसलमानों के साथ नहीं होगा, बल्कि कल सिख और ईसाइयों के साथ भी हो सकता है. हसनी ने कहा कि पिछले 10 साल के अंदर यह इतिहास रहा है कि सारे काले कानून रात में ही पास किए जाते हैं.

उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के लिए शिवसेना (यूबीटी) को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘हम उन तमाम सांसदों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने इसका विरोध किया. हम बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे के शुक्रगुज़ार हैं. इस उम्मीद के साथ कि वे सभी मुस्लिम, माइनॉरिटी, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ खड़े रहेंगे.’

बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर

संसद के दोनों सदन से वक्फ संशोधन बिल पारित हो चुका है. दोनों सदनों में करीब 12-12 घंटे लंबी चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया है. अब यह राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए जाएगा, जिसके बाद यह बिल कानून का रुप ले लेगी. वहीं, सदन में पास होने के बाद इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. धार्मिक अधिकारों के हनन को लेकर कांग्रेस सांसद और मुस्लिम संगठनों ने इसको लेकर कोर्ट में रिट याचिका दायर की है.

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