ब्रेकिंग
Delhi Cold Wave: 5 डिग्री तक गिरा दिल्ली का पारा, अगले 48 घंटों में बारिश और तेज हवाओं की भविष्यवाणी उत्तर भारत में बर्फबारी का तांडव: हिमाचल में 680 सड़कें बंद, जम्मू-श्रीनगर हाईवे ब्लॉक; फंसे हजारों ... पंजाब ने विशेष स्टील निर्माण क्षेत्र में 1003.57 करोड़ का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित किया : संजीव अरोड... भगवंत मान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना लागू, हर परिवार को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशल... मान सरकार ने 'गैंगस्टरां ते वार' मुहिम की शुरुआत की, संगठित अपराध के खिलाफ युद्धस्तर पर कार्रवाई शुर... अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड
विदेश

मुनीर-शहबाज से हूं त्रस्त, भारत ही कर दे हमला… इस अमेरिकी रिपोर्ट से पाकिस्तान में हड़कंप

पाकिस्तान में इस वक्त जंग की तैयारियों का शोर है. भारत के साथ सीमा पर तनाव बढ़ रहा है, सैन्य काफिले सीमावर्ती इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, लड़ाकू विमान आसमान में गरज रहे हैं और सरकारी टीवी चैनलों पर युद्ध के अंदेशों की चर्चा जोरों पर है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर लगातार सख्त संदेश दे रहे हैं. लेकिन इन तमाम घोषणाओं के बीच पाकिस्तान की आम अवाम एक ही सवाल कर रही है. ‘हमें गोली नहीं, रोटी चाहिए!’

आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान में आम लोग युद्ध की बातों से न सिर्फ घबराए हुए हैं, बल्कि खफा भी हैं. न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद की 21 साल छात्रा तहसीन जहरा कहती हैं, हम पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और अराजक राजनीति से परेशान हैं. अब ऊपर से युद्ध की धमकी! ये सब डराने वाला है. हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए.’ जहरा की तरह हजारों युवा अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं, इस दौरान उनका सबका कहना है कि ये सरकार और जनरल मिलकर आवाम के साथ धोखा कर रहे हैं. हम लोग त्रस्त हो चुके हैं इस सरकार से.

जनरल से ज्यादा महंगाई का डर

सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और सरकार के तीखे बयान भी आम जनता में विश्वास नहीं जगा पा रहे. इस्लामाबाद के छात्र इनामुल्लाह कहते हैं, देश अब उतना मज़बूत नहीं रहा जितना पहले था. आर्थिक हालात और राजनीतिक अस्थिरता ने हमें कमजोर बना दिया है. इसी दर्द को राहत में बदलने के लिए सोशल मीडिया पर जंग नहीं, रोजगार दो जैसे मीम्स और टिप्पणियां वायरल हो रही हैं. कुछ इन्हें हास्य मानते हैं, तो कुछ इन्हें खुद को संभालने का तरीका बताते हैं.

लोगों ने सेना पर निकाला गुस्सा

पाकिस्तान की सेना जो पहले संकट के वक्त एकजुटता का प्रतीक मानी जाती थी, अब खुद आलोचना के घेरे में है. इमरान खान को सत्ता से हटाने और उनके समर्थकों पर हुए दमन के बाद सेना के प्रति लोगों की धारणा बदली है. इमरान की पार्टी की पूर्व सांसद आलिया हमज़ा का कहना है, जब जनता का साथ ही नहीं रहेगा तो जंग में कौन लड़ेगा? सेना को लोगों का भरोसा फिर से जीतना होगा. कई युवा अब सेना की राजनीति में दखलअंदाजी और मानवाधिकार हनन से नाखुश हैं.

टूरिज्म तबाह, बंकरों में सिमटते सपने

पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के नीलम वैली और केरन जैसे इलाकों में सन्नाटा पसरा है. पर्यटक अब नहीं आ रहे. केरन में टूरिज़्म चलाने वाले राजा अमजद कहते हैं, किसी आधिकारिक रोक की ज़रूरत ही नहीं, लोग खुद ही डर से नहीं आ रहे. वहीं, अथ्माकम की 40 वर्षीय सादिया बीबी अपने बच्चों के लिए घर के पीछे बंकर तैयार कर रही हैं. अभी गोलाबारी नहीं हुई, लेकिन कब होगी कोई नहीं जानता, वे कहती हैं.

छोड़ देना चाहते हैं देश…

पाकिस्तान में अब बड़ी संख्या में युवा देश छोड़ने का सपना देख रहे हैं. इस्लामाबाद की 31 साल की जारा खान कहती हैं, यहां जिंदगी बहुत मुश्किल है. नौकरी नहीं है, संसाधन नहीं हैं, और परिवार पालने की सोच भी नहीं सकते. उनका कहना है कि देश में रहना अब एक बोझ बन गया है. ऐसे हालात में युद्ध की बात करना नासमझी लगता है.

सियासी जंग में उलझा मुल्क

पाकिस्तान के सियासी और सैन्य नेतृत्व के बीच खींचतान, विपक्ष के नेताओं पर दमन और अर्थव्यवस्था की गिरती हालत ने देश को एक गहरे संकट में डाल दिया है. युद्ध की धमकियों से देश की जनता और भी डरी और टूटी हुई है. ऐसे में अवाम की आवाज साफ है ‘हमें न युद्ध चाहिए, न नारेबाजी… हमें चाहिए रोटी, राहत और सुकून.

Related Articles

Back to top button