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पंजाब

पानी पर झूठा प्रचार कर रहा है हरियाणा

चंडीगढ़:पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज कहा कि पानी के मुद्दे पर हरियाणा भ्रम फैला रहा है। उन्होंने इस विषय से संबंधित सभी तथ्य सार्वजनिक करते हुए कहा कि पंजाब ने किसी का हक नहीं रोका, लेकिन उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब अपना हक छोड़ेगा भी नहीं और केंद्र या हरियाणा के दबाव में झुकेगा नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए पंजाब के हित सबसे पहले हैं और पंजाब के पानी पर केवल पंजाब का हक है।

इस विषय से संबंधित विस्तृत तथ्य रखते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि डेमों में जो पानी जमा होता है, उसके अनुसार पानी का वितरण पिछले लगभग 44 सालों से हो रही है। हरियाणा को इस वर्ष 2.987 एमएएफ पानी अलाट किया गया था और उसने अपने अलाट किए गए पानी का उपयोग पहले ही कर लिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा द्वारा अपने कोटे से अधिक कुल 104 प्रतिशत पानी का उपयोग किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब सरकार द्वारा जनवरी से ही हरियाणा को पत्र लिखे जा रहे हैं और केंद्र सरकार को भी सूचित किया जा रहा था।

गोयल ने बताया कि 17 मार्च, 2025 को भी पत्र लिखा गया कि हरियाणा अपने हिस्से के पानी का संयम से उपयोग नहीं कर रहा है, जिसके कारण उसे आने वाले दिनों में दिक्कत आ सकती है, लेकिन हरियाणा ने अपने पानी प्रबंधन को ठीक करने की बजाय अपना सारा पानी मार्च में ही इस्तेमाल कर लिया। उन्होंने कहा कि 31 मार्च को दुबारा पत्र लिखकर हरियाणा ने पीने के लिए पानी की मांग की। हरियाणा ने बताया कि उसकी 2.8 करोड़ की आबादी के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 135 लीटर पानी की दर के हिसाब से 1500 क्यूसेक पानी की ज़रूरत है। उसने 1149 क्यूसेक पानी दिल्ली के लिए भी मांगा और अपने उद्योगों और यहां तक कि जानवरों के लिए भी पानी की आवश्यकता दर्शाते हुए हरियाणा ने 4082 क्यूसेक पानी की मांग रखी। मानवता के नाते पंजाब सरकार ने पीने के पानी की ज़रूरत पूरी करने के लिए 4 अप्रैल से ही हरियाणा के लिए 4000 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया था लेकिन अब हरियाणा 8500 क्यूसेक पानी मांग रहा है, जो देना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा का तर्क है कि पिछली सरकारों के समय उसे यह पानी मिल रहा था। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय पंजाब के पानी की रक्षा नहीं की गई और पंजाब अपना हिस्से का पानी भी नहीं उपयोग करता था,  पंजाब सरकार द्वारा लगातार अपने खेतों तक पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में हमने नहरों की टेलों तक पूरा पानी पहुंचा दिया है। करीब 16000 नए खाल बनाए और सुरजीत किए गए हैं।

इसी तरह नहरी ढांचे के विकास पर 4550 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं जबकि इस साल हम इस पर 3264 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। इस तरीके से अब हम अपना पानी अन्य राज्यों को नहीं जाने दे रहे और पंजाब का पानी पंजाब के खेतों में पहुंच रहा है, जिससे हमारे किसानों की उपज बढ़ेगी, वहीं भूजल की भी बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि ये सारे तथ्य स्पष्ट करते हैं कि पंजाब न तो किसी का हक मारता है और न ही अपना हक छोड़ता है।
इस मौके पर कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने भी कहा कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और पंजाब अपने अधिकारों की रक्षा करेगा। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भी दोहराया कि पंजाब का पानी केवल पंजाब के लिए है और केंद्र या हरियाणा को इसकी लूट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मौके पर विधायक बलजिंदर कौर, जगदीप सिंह काका बराड़ और हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों भी उनके साथ उपस्थित थे।

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