ब्रेकिंग
JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती...
पंजाब

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस का सख्त Action, 3 के खिलाफ FIR दर्ज

मुक्तसर साहिब में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में 3 एफआईआर दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने फैक्ट्री मालिक तरसेम सिंह, सुखचैन कौर और नवराज सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अभी कोई गिरफ्तार नहीं की है। लेकिन जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फैक्टरी में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं

घायलों ने बताया कि यह पटाखा फैक्टरी हाल ही में शुरू की गई थी, जिसका मालिक रणवीर सिंह निवासी डबवाली है। फैक्टरी में किसी प्रकार के सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे – न तो अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे, न ही कर्मचारियों के लिए कोई आपातकालीन व्यवस्था थी। बताया गया कि हादसे के समय रात दो बजे अचानक आग लग गई और फैक्टरी की छत गिर गई, जिससे वहां सो रहे मजदूर उसके नीचे दबकर घायल हो गए।

फैक्टरी मालिक मौके से फरार

घायलों ने बताया कि फैक्टरी मालिक रणवीर सिंह घटना के बाद से फरार है और उसका मोबाइल फोन भी बंद है। इतना ही नहीं, उसने घायलों की कोई खबर नहीं ली और न ही अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचा। मजदूरों ने यह भी बताया कि मालिक उन्हें उनके मूल राज्यों – उत्तर प्रदेश और बिहार – भेजने की बात कर रहा है, जबकि उनके पास न तो पैसे हैं और न ही कोई सहायता।

बता दें कि, गत दिन मुक्तसर के सिंघेवाला गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। इस दौरान घायल वर्करों की संख्या 44 तक पहुंच गई है और वहीं 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 49 वर्कर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। घायलं में 38 का इलाज बादल सब डिविजन सरकारी अस्पताल में चल रहा है और 6 की हालत गंभीर के चलते उसे बठिंडा के एमएस में भर्ती करवाया गया है।

पटाखा फैक्ट्री में धमाके के दौरान मृतक वर्करों की पहचान नवराज निवासी नेहराजितर उत्तर प्रदेश, दानवीर निवासी सफेदपुरा, नीरज निवासी गांव सरकार निसुलीगडू  व अखिले व राहुल निवासी गांव टाबरी दिवासा के रूप में हुई है। मृतकों का पोस्टमार्टम होगा। बताया जा रहा है कि, घायलों में एक नाबालिग समेत 19 से 25 वर्ष के युवा शामिल ​हैं। हादसे दौरान फैक्ट्री में पटाखे बन रहे थे। तारों से निकली चिंगारी वहां रखे बारूद पर गिर गई जिससे धमाके शुरू हो गए।

Related Articles

Back to top button