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Delhi Nizamuddin Markaz: मरकज में शामिल होने पर झारखंड में सियासी बवाल, निशिकांत व फुरकान आमने-सामने

रांची। नई दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज के आयोजन और उसमें शामिल होने वाले लोगों के मसले पर सियासी बवाल शुरू हो चुका है। गोड्डा सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने कहा कि तब्लीगी मरकज में शामिल होने की बात छिपाने वाले लोग देश के गुनहगार हैं। उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए। गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी इस तरह की मांग करने पर गरम हैं।

फुरकान बोले कि विश्व में कोरोना फैल गया था तो सरकार ने तब्लीगी मरकज के आयोजन की अनुमति क्यों दी। इसमें विदेश से भी धर्म प्रचारक आए थे। उन लोगों को सरकार ने यहां आने क्यों दिया था। कड़वी हकीकत यह है कि सरकार के पास इन सवालों का जवाब नहीं है। इसी बीच क्वारंटाइन में गए कैबिनेट मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र मोहम्मद तनवीर ने दावा किया कि वे तब्लीगी मरकज में भाग लेने के लिए दिल्ली नहीं गए थे।

विधानसभा चुनाव में मधुपुर में हाजी हुसैन अंसारी से मात खाने वाले पूर्व श्रम व नियोजन मंत्री राज पलिवार ने कहा कि झारखंड में कोरोना फैलता है तो इसके लिए हेमंत सरकार के कैबिनेट मंत्री हाजी हुसैन अंसारी एवं आलमगीर आलम मुख्य तौर पर जिम्मेदार होंगे।

कोरोना फैला तो आलमगीर व हाजी जिम्मेवार

पूर्व श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि कैबिनेट मंत्री हाजी हुसैन अंसारी एवं आलमगीर आलम झारखंड के लोगों के लिए खौफ का कारण बन चुके हैं। पूरे प्रदेश में कोरोना फैलता है तो उसके मुख्य दोषी यही दोनों होंगे। दोनों को तत्काल मंत्रिपरिषद से बाहर करना चाहिए। राज पलिवार ने कहा कि आलमगीर आलम ने झारखंड में बंगलादेशी घुसपैठियों को बसाने का काम किया है। आलमगीर के आदेश पर बड़ी आबादी पूरे झारखंड में घूमी है। उन्होंने कहा कि हाजी हुसैन अंसारी देवघर में राहत सामग्र्री के नाम पर कोरोना बांट रहे हैं।

हाजी पुत्र तनवीर का दावा, मरकज में नहीं गए दिल्ली

क्वारंटाइन में रह रहे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र मोहम्मद तनवीर ने कहा कि वे तब्लीगी मरकज में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं गए थे। सरकार चाहे तो किसी भी एजेंसी से जांच करा लें। तनवीर को एहतियात के तौर पर मधुपुर के एक नेत्र चिकित्सालय में 14 दिन के क्वारंटाइन में रखा गया है। उनके स्वाब की जांच होगी। मंत्री पुत्र ने कहा कि 1992 या 93 में वे अंतिम बार दिल्ली गए थे। इसके बाद कभी दिल्ली यात्रा नहीं की। उनकी दुकान और घर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है उससे सब स्पष्ट हो जाएगा।

आमने सामने

मरकज में जाना देशद्रोह नहीं, इसे छिपाना गुनाह

गोड्डा के भाजपा सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने कहा कि तब्लीगी मरकज में जाना देशद्रोह नहीं है, न उन्हें इस पर आपत्ति है। तब्लीगी मरकज में शामिल कई लोगों को कोरोना होने की बात सार्वजनिक हो चुकी है। इसके बाद भी कोई तब्लीगी मरकज में जाने की बात छिपाता है तो वह गुनहगार है। मरकज में जाने की बात लोग इसी तरह छिपाते रहे तो निकट भविष्य में झारखंड में हालात विकट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें दिख रहा है कि मरकज के लोग कोरोना की जांच करने आए डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों पर थूक रहे हैं।

तब्लीगी में पांच वक्त के नमाजी, सफाई में कमी नहीं करते : फुरकान

गोड्डा के पूर्व कांग्र्रेस सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि धर्म का प्रचार मौलिक अधिकार है। तब्लीगी जमात में भाग लेना गुनाह नहीं है। सांसद को शायद मालूम नहीं है कि तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले मौलवी व मौलाना पांच वक्त के नमाजी होते हैं। उन्हें रोजाना नहाना है।

पांच वक्त हाथ, मुंह, कान एवं पैर धोना पड़ता है। सफाई में कमी नहीं करते। वे लोग सामाजिक बुराई के खिलाफ नसीहत देते हैं। किसी धर्म विशेष को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद को बताना चाहिए कि कोरोना का पूरी दुनिया में खौफ था तो विदेशी मौलवी किसकी अनुमति से भारत में आए थे। ऐसी विकट परिस्थिति में उन्हें क्यों वीजा दिया गया था।

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