ब्रेकिंग
शहडोल हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, 3 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर दतिया में भाजपा की मुसीबत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे विरोध और डैमेज कंट्रोल की रणनीति इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026': सीएम मोहन यादव बोले- वर्ष 2027 होगा युवा शक्ति को समर... बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से शांति की अपील, कहा- 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि' Vietnam Boat Accident: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा, बचाव अभियान जारी नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंग... दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा में घमासान, समर्थकों का प्रदर्शन और पथराव MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर युवक ने कोतवाल को दी वर्दी उतरवाने की धमकी, वीडियो व...
देश

जिस सरकारी स्कूल में पढ़े, उसे बना दिया हाईटेक, मिलिए बेंगलुरु के इस डॉक्टर से

कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण जिले के चन्नपट्टना तालुक के होंगानूर गांव के एक डॉक्टर एचएम वेंकटप्पा ने अपने माता-पिता की याद में अपने स्वयं के कण्व फाउंडेशन के माध्यम से उस सरकारी स्कूल को एक नया रूप दिया हैजहां उन्होंने पढ़ाई की थी. इस स्कूल का नाम है श्रीमती चन्नम्मा मंचेगौड़ा कर्नाटक पब्लिक स्कूल. इस स्कूल की नई बिल्डिंग बनाई गई है. इसको नया और हाईटेक रूप देने में 14 करोड़ रुपये की लागत आई है.

अब इस स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए आसपास के गांवों के कई अभिभावकों में होड़ लग गई है. इस वर्ष ग्रीष्मावकाश समाप्त होते-होते, पुरानी जर्जर इमारतों को गिराकर कक्षाएं नई इमारत में ट्रांसफर कर दी गई हैं. दो अलग-अलग इमारतों वाले इस उच्च तकनीक वाले स्कूल की क्षमता 1,500 छात्रों की है. यहां एलकेजी से लेकर द्वितीय पीयूसी तक एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था है. आसपास के 12 गांवों के बच्चे यहां पढ़ रहे हैं.

स्कूल में लगभग 850 छात्र अध्ययनरत

राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार (18 जुलाई) को नए स्कूल भवन का उद्घाटन किया. वर्तमान में, इस स्कूल में लगभग 850 छात्र अध्ययनरत हैं. इसी वर्ष से स्कूल में एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं. यहां द्वितीय वर्ष तक कन्नड़ और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है. इस वर्ष 150 से अधिक छात्रों का एडमीशन हुआ है.

10 हजार पुस्तकों की क्षमता वाली लाइब्रेरी

नए भवन में 51 कमरे हैं. 10 हजार पुस्तकों की क्षमता वाला एक पुस्तकालय भी है. 40 कंप्यूटर, सुसज्जित डेस्क और एक डिजिटल बोर्ड से सुसज्जित विज्ञान और गणित की प्रयोगशाला तैयार की जा रही है. भवन के प्रत्येक तल पर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय हैं. डॉ. एचएम वेंकटप्पा ने इसका निर्माण इस आशा के साथ करवाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को कॉन्वेंट-शैली की शिक्षा मिले.

वेंकटप्पा ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और डॉक्टर बने

इसी सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा तक पढ़े वेंकटप्पा बाद में सरकारी डॉक्टर बने. कई वर्षों तक विभिन्न स्थानों पर सेवा देने के बाद, उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली. बाद में, उन्होंने बेंगलुरु में कण्व डायग्नोस्टिक सेंटर और कण्व फाउंडेशन की शुरुआत की और समाज सेवा में भी संलग्न हैं. शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने डॉ. एचएम वेंकटप्पा के कार्यों की सराहना की है.

Related Articles

Back to top button