ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा
दिल्ली/NCR

पुराने वाहनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार, बैन के खिलाफ ऐसी है तैयारी, क्या-क्या हैं तर्क

दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों पुराने वाहनों पर रोक लगाने का फैसला किया था. हालांकि विरोध के बाद इस फैसले पर रोक लगा दी थी. अब इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दिल्ली- NCR में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक के आदेश पर पुनर्विचार की गुहार लगाई है.

दिल्ली सरकार ने 2018 के आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की है. अपनी अर्जी में सरकार ने कहा कि BS-6 वाहन BS-4 वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं.

सुप्रीम कोर्ट में रेखा सरकार का तर्क

कोर्ट केंद्र सरकार या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को निर्देश दे कि वो NCR में सभी श्रेणियों के 15 साल या उससे ज्यादा पुराने पेट्रोल और 10 या उससे ज्यादा साल पुराने डीजल वाहनों के चलने पर व्यापक, वैज्ञानिक अध्ययन के आदेश दे. रेखा सरकार ने तर्क दिया है कि केवल उम्र के आधार पर ऑफ-रोड वाहनों के लिए यह निर्देश मध्यम वर्ग की आबादी को असमान रूप से प्रभावित करता है. सरकार का साफ कहना है कि फैसला गाड़ी के फिटनेस का आधार पर होना चाहिए.

सरकार ने कहा कि मध्यम वर्ग की तरफ से वाहनों का अच्छी तरह से रखरखाव किया जाता हैं. इसके साथ ही प्रदूषण मानदंडों का पालन करते हैं. अध्ययनों से संकेत मिलता है कि इन वाहनों का वार्षिक माइलेज अक्सर काफी कम होता है. कुल उत्सर्जन में इन खतरनाक गैसों और माइक्रो पार्टिकल्स का हिस्सा भी नगण्य होता है.

पूरे मामले पर क्या बोलीं सीएम रेखा?

कोर्ट में याचिका लगाए जाने को लेकर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि कोर्ट का आदेश था 15 साल पेट्रोल दस साल डीजल की गाड़ियां बंद होगी क्योंकि प्रदूषण बढ़ रहा है. सरकारों ने काम नहीं किया. इसी कारण कोर्ट ngt ने आदेश दिए लेकिन ये समाधान नहीं है. कल को कह सकते हो घर से ही मत निकलो. सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. कल हमने सरकार की ओर से कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई है और मांग की है कि इससे बंदिश को हटाए. कार्रवाई फिटनेस के आधार पर होनी चाहिए.

Related Articles

Back to top button