ब्रेकिंग
Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत नेता अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से; मशहद मे... Delhi Crime News: त्रिलोकपुरी में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से दरिंदगी; ईंट से हमला कर दिया दुष्कर्म, ... Global Kashmiri Pandit Conclave: 'वापसी ही सबसे सच्ची जीत है', श्रीनगर में बोले उपराज्यपाल मनोज सिन्... Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की आपात बैठक; क्या शिवसेना (UBT) में टूट की है तै... Banke Bihari Temple News: क्या जर्जर हो रहा है बांके बिहारी मंदिर? दरारों की चर्चाओं के बीच हाई पावर... TMC Crisis in Bengal: तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट के संकेत; सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे में शाम... Next Chief of Army Staff: जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ; केंद्र सरकार ... NEET Re-Exam Update: परीक्षा में छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय; शिक्षा मंत्री ने दी बड़ी ... Kainchi Dham Traffic Plan: कैंची धाम मेले के लिए प्रशासन का रूट चार्ट जारी; मंदिर तक सिर्फ शटल से मि... Broken Hair Vastu Tips: क्या टूटे बालों को इधर-उधर फेंकना अशुभ है? जानें इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण
मध्यप्रदेश

कांकेर में भाजपा जिला अध्यक्ष के घर में घुसे भालू,नारियल खाकर मिठाई भूख

कांकेर। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष महेश जैन के घर में रविवार की सुबह 4 बजे दो शावक के साथ मादा भालू घुस गई। भोजन की तलाश में पहुंची भालू नारियल तोड़कर स्वयं व शावकों का भूख मिटाते नजर आई। भालू का नारियल खाता हुआ वीडियो जिलाध्यक्ष के परिजनों ने अपने मोबाइल पर कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भालू  के आने की खबर जिलाध्यक्ष ने वन विभाग को दे दी थी, जिसके बाद टीम ने सुबह इलाके का मुआयना किया है।

भालू की लगातार घटनाओं से फैली है दहशत

कुछ दिनों पहले दुधावा में भालू द्वारा किसानों पर हमला करने से किसान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उसके पहले भानुप्रतापपुर में भालू ने ग्रामीण पर हमला कर दिया था। भालू के हमले की खबर लगातार सामने आने से क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है व लोग वन विभाग से शिकायतें करने लगे हैं पर भालू का रहवासी इलाकों में आना आम बात हो गया है।

भालू के लिए जंगल में नहीं मिल पा रहा भोजन

वन विभाग की टीम भालू के लिए लगातार संरक्षित क्षेत्र तैयार करने व फलदार पौधे लगाने का दावा तो कर रही है पर अब तक भालू को जंगल तक ही सीमित कर पाने में असफल साबित हो रही है। ग्रामीणों का मानना है कि जंगल में लगाए जाने वाले फलदार पौधों को जंगल की ओर जाने वाले लोग नष्ट कर देते हैं या वन विभाग पौधारोपण के बाद उसे संरक्षित नहीं कर पा रही है, जिसकी वजह से फलदार पौधे जंगल में बढ़ नहीं पा रहे हैं और जानवरों का रहवासी इलाकों में आवाजाही बना हुआ है।

Related Articles

Back to top button