लुधियाना में मशहूर ज्वेलर्स पर Raid, GST विभाग की दबिश पड़ते ही मचा हड़कंप

लुधियाना : राज्य जी.एस.टी. विभाग की टीम ने महानगर के प्रसिद्ध सर्राफा बाज़ार स्थित एस.एस. चेन्स एंड ज्वेलर्स के कार्यस्थल पर दबिश दी। बता दिया जाए, कि विभागीय अधिकारियों ने टैक्स चोरी के संदर्भ में जांच को अंजाम दिया है। जहां अधिकारियों को शक है कि उक्त सही ढंग से सेल के मुताबिक टैक्स नहीं भर रहा। कार्रवाई के दौरान लुधियाना डिस्ट्रिक्ट -4 की टीम स्टेट टैक्स ऑफिसर अश्वनी गोयल, दीपिका गर्ग व पुलिस मुलाजिम मौके पर शामिल रहे। इस दौरान अधिकारियों ने भारी मात्रा में सेल – परचेज बुक्स, स्टॉक टेकिंग, अकाऊंट बुक्स के साथ-साथ एक सी.पी.यू. भी ज़ब्त किया है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि ज़ब्त दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी और पता लगाया जाएगा, कि उक्त किस कदर टैक्स चोरी में लिप्त है।
कार्रवाई के दौरान आस -पास के दुकानदारों ने बंद रखी अपनी अपनी दुकानें
एस.एस. चेन्स एंड ज्वेलर्स पर दबिश के बाद पूरे सर्राफा बाजार के कई दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर लीं। कुछ दुकानदारों ने बताया कि अधिकारियों के भय से यह कदम उठाया गया, जबकि कई लोगों ने विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई से परेशान दुकानदारों ने रोष स्वरूप यह फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राज्य जी.एस.टी विभाग ने सर्राफा बाजार के राणा बैंगल्स पर कार्रवाई की थी।
दबिश में आस – पास के दुकानदार व प्रधान हो जाते है, शामिल
लुधियाना के कंजेस्टेड इलाके जैसे सर्राफा बाजार, दाल बाजार, केसरगंज मंडी एवं चौड़ा बाजार में जब भी विभागीय अधिकारी कार्यवाही के लिए दबिश देते हैं, तो वहां के दुकानदार और एसोसिएशन के प्रधान इकट्ठा होकर अधिकारियों पर कार्रवाई रोकने या बंद करने का दबाव बनाने लगते हैं। इस बार भी दबिश के दौरान सर्राफा बाजार के प्रधान मौके पर उपस्थित थे और अधिकारियों के साथ बातचीत करते दिखे। वहीं तमाम अन्य दुकानदार और एसोसिएशन के सदस्य मौजूद होते हैं, लेकिन मीडिया को अंदर आने से रोका जाता है, जिससे सच का प्रकाशन बाधित होता है। इस स्थिति में विभागीय अधिकारी भी दुकानदारों का समर्थन करते दिखाई देते हैं।
त्योहारी सीजन आते ही विभागीय अधिकारियों ने जारी किया दबिश का सिलसिला
एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग ने त्योहारी सीजन की तैयारियां आरंभ कर दी है और अब आगे ऐसे ही दीपावली तक दबिश और इंस्पेक्शन होती रहेगी। उन्होंने बताया कि दबिश और निरीक्षण केवल अधिकारियों के लाभ के लिए हैं, न कि सरकार के खजाने के लिए। और कहा कि त्योहारी सीजन के आसपास होने वाली जितनी भी दबिश और कार्रवाई के बारे में आरटीआई (सूचना का अधिकार) के जरिए जानकारी ली जाए तो पता चलेगा कि इन प्रयासों से सरकार की वसूली बेहद कम या नगण्य है। कहना है कि अधिकारी अपनी जेब भरने में लगे हैं और असली लक्ष्य सरकारी राजस्व वसूल नहीं होता।